कुवैत की जजीरा एयरवेज ने साल 2026 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं. भू-राजनीतिक संकट की वजह से कंपनी को इस बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड देने का फैसला किया है. संकट के समय में कंपनी ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई वैकल्पिक रास्ते अपनाए थे.
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जजीरा एयरवेज के वित्तीय नतीजे और डिविडेंड की जानकारी
कंपनी के मुताबिक पहली तिमाही में उसका ऑपरेटिंग रेवेन्यू 45.1 मिलियन कुवैती दीनार रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 15.8% कम है. इस बार कंपनी को 1.1 मिलियन कुवैती दीनार का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी समय 4.7 मिलियन दीनार का मुनाफा हुआ था. चेयरमैन मरवान बूदाई ने कहा कि यह मुश्किल दौर था, लेकिन कंपनी ने मजबूती दिखाई. बोर्ड ने 83 फिल्स का अंतरिम नकद लाभांश (dividend) देने की मंजूरी दी है.
एयरपोर्ट बंद होने का असर और ‘मिशन बरकत’ की तैयारी
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट 28 फरवरी 2026 से 57 दिनों तक बंद रहा, जिससे फ्लाइट्स के संचालन पर बड़ा असर पड़ा. इस स्थिति से निपटने के लिए जजीरा एयरवेज ने ‘मिशन बरकत’ शुरू किया और सऊदी अरब के जरिए सड़क और हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया. इस मिशन में 14 विमान और 500 से ज्यादा कर्मचारी तैनात थे, जिन्होंने 9,000 से ज्यादा बस फेरे चलाकर 2 लाख से अधिक यात्रियों को पहुंचाया. कुवैत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और आंतरिक मंत्रालय के सहयोग से 3 मई 2026 को टर्मिनल 5 (T5) से पूरी तरह काम शुरू हुआ.
फ्लाइट्स और यात्रियों से जुड़े मुख्य आंकड़े
पहली तिमाही के दौरान कंपनी के कामकाज और यात्रियों की संख्या में गिरावट आई, लेकिन मार्केट शेयर स्थिर रहा. इसका पूरा ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है.
| विवरण | आंकड़े / स्थिति | बदलाव (Year-on-Year) |
|---|---|---|
| ऑपरेटिंग रेवेन्यू | 45.1 मिलियन KD | 15.8% गिरावट |
| शुद्ध लाभ/हानि | 1.1 मिलियन KD (घाटा) | पिछले साल 4.7 मिलियन मुनाफा |
| कुल सेक्टर संचालन | 6,569 | 28.4% गिरावट |
| कुल क्षमता (सीटें) | 1.1 मिलियन | 27.6% गिरावट |
| कुल यात्री | 925,543 | 25.6% गिरावट |
| लोड फैक्टर | 81.0% | 2.3% बढ़ोत्तरी |
| मार्केट शेयर | 31% | स्थिर |
| अंतरिम डिविडेंड | 83 फिल्स | मंजूर |
Frequently Asked Questions (FAQs)
जजीरा एयरवेज को पहली तिमाही में घाटा क्यों हुआ?
भू-राजनीतिक संकट के कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट 28 फरवरी 2026 से 57 दिनों तक बंद रहा, जिससे कंपनी के रेवेन्यू और फ्लाइट संचालन पर सीधा असर पड़ा और 1.1 मिलियन KD का घाटा हुआ.
मिशन बरकत क्या था और इसका क्या फायदा हुआ?
मिशन बरकत के तहत जजीरा एयरवेज ने सऊदी अरब के रास्ते एक Overland-Air कॉरिडोर बनाया. इससे 1,500 से ज्यादा फ्लाइट्स और 9,000 बस फेरों के जरिए 2 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया गया.
