JD Vance और Netanyahu के बीच फोन पर बातचीत, ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर हुई चर्चा
सोमवार 23 मार्च 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच फोन पर बातचीत हुई। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ बातचीत शुरू करने के प्रयासों पर चर्चा करना था। दोनों नेताओं ने उस संभावित समझौते के पहलुओं पर बात की जो ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद कर सकता है। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कूटनीतिक रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
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समझौते के लिए किन मुख्य बिंदुओं पर हुई बातचीत?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी सोमवार को संकेत दिया कि उनका प्रशासन ईरान के साथ पूरी तरह से विवाद सुलझाने के लिए बातचीत में शामिल है। समझौते के तहत कुछ प्रमुख शर्तों पर विचार किया जा रहा है जो इस प्रकार हैं:
- ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने की गारंटी देनी होगी।
- यूरैनियम संवर्धन को सीमित करने पर सहमति बनानी होगी।
- Donald Trump ने बातचीत में प्रगति का हवाला देते हुए ईरानी ऊर्जा केंद्रों पर हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है।
- Benjamin Netanyahu ने कहा है कि कोई भी समझौता इजरायल के महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करने वाला होना चाहिए।
ईरान और मध्यस्थ देशों की क्या है प्रतिक्रिया?
ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से फिलहाल इनकार किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने इन खबरों को भ्रामक बताया है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उन्हें कुछ मित्र देशों के जरिए संदेश मिल रहे हैं।
| मध्यस्थ देश | भूमिका |
|---|---|
| Turkey और Egypt | संदेशों का आदान-प्रदान |
| Pakistan | कूटनीतिक सहयोग |
| खाड़ी देश (Gulf States) | क्षेत्रीय शांति प्रयास |
यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों के बाद से करीब 24 दिनों से जारी है। इजरायल ने साफ किया है कि समझौते की बातचीत के बावजूद वह ईरान और लेबनान में अपने हमले तब तक जारी रखेगा जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। अमेरिका अब Mohammad Bagher Qalibaf को बातचीत के लिए एक संभावित भविष्य के साथी के रूप में देख रहा है।




