जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय पहुंचे सऊदी अरब, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से करेंगे खास मुलाकात
जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय सोमवार, 30 मार्च 2026 को सऊदी अरब के लिए रवाना हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के साथ बैठक करना है। किंग अब्दुल्ला की इस यात्रा को लेकर जॉर्डन और सऊदी अरब दोनों देशों के आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी साझा की है। उनकी गैरमौजूदगी में जॉर्डन के शासन की कमान फिलहाल उनके बेटे को सौंपी गई है।
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सऊदी अरब दौरे और बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय की इस सऊदी अरब यात्रा के दौरान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ उनकी अहम मुलाकात तय है। यह दौरा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में क्षेत्रीय मुद्दों और आपसी सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है। सऊदी अरब की मीडिया ने भी किंग के आगमन की पुष्टि की है और इसे एक महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा बताया है।
किंग की अनुपस्थिति में जॉर्डन में किसे मिली जिम्मेदारी?
किंग अब्दुल्ला द्वितीय के देश से बाहर रहने के दौरान जॉर्डन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए संवैधानिक व्यवस्था की गई है। इसके लिए क्राउन प्रिंस को जिम्मेदारी दी गई है।
- जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने ‘डेप्युटी टू द किंग’ के रूप में पदभार संभाला है।
- उन्होंने मंत्रिपरिषद यानी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की मौजूदगी में संवैधानिक शपथ ली है।
- किंग की वापसी तक क्राउन प्रिंस अल हुसैन ही राजा की शक्तियों का उपयोग करेंगे और आधिकारिक कार्यों की देखरेख करेंगे।
- यह जॉर्डन की एक नियमित प्रक्रिया है जिसमें राजा की विदेश यात्रा के दौरान उनके प्रतिनिधि को नियुक्त किया जाता है।




