Kerala Assembly Elections 2026: केरल की 140 सीटों पर मतदान शुरू, 4 मई को आएंगे नतीजे, एम.ए. बेबी ने जताया जीत का भरोसा.
केरल में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर एक साथ वोट डाले जा रहे हैं। इसी बीच सीपीआई-एम (CPI-M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने तिरुवनंतपुरम में अपना वोट डाला और भारी जीत की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) इस बार फिर से शानदार बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा। राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ तीसरी बार सरकार बनाने के लिए मैदान में है।
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केरल विधानसभा चुनाव से जुड़ी जरूरी तारीखें और आंकड़े
चुनाव आयोग ने केरल चुनाव के लिए विस्तृत कार्यक्रम पहले ही घोषित कर दिया था। राज्य में मतदान की पूरी प्रक्रिया एक ही चरण में संपन्न की जा रही है।
| विवरण | तारीख / जानकारी | ||
|---|---|---|---|
| मतदान की तारीख | 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार) | मतदान का समय | सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक |
| नतीजों की तारीख | 4 मई 2026 | ||
| कुल विधानसभा सीटें | 140 | ||
| एग्जिट पोल पर रोक | 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे तक |
चुनाव आयोग ने बताया कि जो लोग शाम 6 बजे तक मतदान केंद्र की कतार में लग जाएंगे, उन्हें वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। 4 मई को सुबह 8 बजे से सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू की जाएगी।
मतदान प्रक्रिया और नेताओं की प्रतिक्रिया
केरल के इस चुनाव में एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए जनता से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
- बीजेपी उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन और कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने अपना वोट डाल दिया है।
- बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर वोटर स्लिप का वितरण पहले ही पूरा कर लिया था।
- वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए घर से वोट डालने की सुविधा भी दी गई थी।
- एम.ए. बेबी ने साफ किया कि वे एसडीपीआई जैसे संगठनों के समर्थन को स्वीकार करने से पीछे नहीं हटेंगे अगर वे स्वेच्छा से वोट देते हैं।
प्रवासी भारतीयों के लिए भी यह चुनाव काफी मायने रखता है क्योंकि केरल से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। राज्य की नई सरकार की नीतियां विदेशों में रहने वाले मलयाली समुदाय पर सीधा असर डालती हैं। फिलहाल सभी की नजरें 4 मई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।





