Yemen में मलेरिया के खिलाफ सऊदी की बड़ी मुहिम, Aden और Marib के कैंपों में KSrelief ने शुरू किया अभियान
सऊदी अरब के King Salman Humanitarian Aid and Relief Center (KSrelief) ने यमन के Aden और Marib शहरों में मलेरिया कंट्रोल अभियान शुरू किया है। यह मुहिम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो विस्थापन कैंपों में रह रहे हैं। इसका मकसद वहां के लोगों को मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
मलेरिया अभियान में क्या-क्या दवाइयां और सामान भेजा गया?
KSrelief ने World Health Organization के साथ मिलकर यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय को दवाओं की एक बड़ी खेप भेजी है। इसमें गंभीर मरीजों के लिए इंजेक्शन और आम मरीजों के लिए टैबलेट शामिल हैं। साथ ही मच्छरों को रोकने के लिए बड़ी मात्रा में कीटनाशक और मच्छरदानी भी दी गई है।
| सामान का नाम | कुल मात्रा |
|---|---|
| ACTs दवाइयां | 1,71,450 डोज़ |
| प्रिमाक्विन टैबलेट | 1,25,000 टैबलेट |
| आर्टेसुनेट इंजेक्शन | 15,000 इंजेक्शन |
| मच्छरदानी (Insecticide-treated) | 18 लाख |
| कीटनाशक (Pesticides) | 29 टन से ज़्यादा |
इस प्रोजेक्ट से कितने लोगों को फायदा होगा और कितना खर्च आया?
इस पूरे प्रोजेक्ट का लक्ष्य यमन के 15 राज्यों और 200 से ज्यादा जिलों में मदद पहुंचाना है। इससे करीब 87 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिसमें गर्भवती महिलाएं, 5 साल से छोटे बच्चे, शरणार्थी और प्रवासी लोग शामिल हैं। इस मलेरिया प्रोजेक्ट के लिए 12 मिलियन डॉलर का बजट तय किया गया है और यह काम फरवरी 2028 तक चलेगा।
इस स्वास्थ्य मुहिम में कौन-कौन सी संस्थाएं शामिल हैं?
इस काम को पूरा करने के लिए सऊदी अरब के KSrelief, World Health Organization (WHO) और यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाथ मिलाया है। 1 मार्च 2025 को KSrelief के सुपरवाइजर जनरल डॉ अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज अल रबीआ और WHO के डायरेक्टर जनरल डॉ टेड्रोस अधानोम घेब्येयसस के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। यमन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ कासिम बुहयबह ने बताया कि सऊदी अरब ने यमन के स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 21 मिलियन डॉलर की मदद दी है।




