कुवैत में सुधार संस्थाओं के सामान्य विभाग में लगी आग से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है। हाल ही में इस हादसे में ड्यूटी पर शहीद हुए सार्जेंट मोहम्मद अल-हाजरी ने भी अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। उनका निधन कर्नल सऊद अल-खम्सान के अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद हुआ, जिससे इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई है।
आग लगने का कारण और पहली मौत
कुवैत के सुलैबिया इलाके में सुधार संस्थाओं के सामान्य विभाग के भवन में 11 जनवरी, 2026 को आग लगी थी। जांच में पता चला कि यह आग रखरखाव कार्य के दौरान ज्वलनशील सामग्री के पास हुए बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इस अग्निकांड में कर्नल सऊद नस्सर अल-खम्सान 17 जनवरी, 2026 को अपनी चोटों के कारण शहीद हो गए थे। उनका अंतिम संस्कार 18 जनवरी, 2026 को किया गया था।
सार्जेंट मोहम्मद अल-हाजरी का निधन
कर्नल अल-खम्सान के अंतिम संस्कार के बाद, सार्जेंट मोहम्मद साद अल-हाजरी ने भी 21 जनवरी, 2026 को आग से लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। उनका अंतिम संस्कार भी उसी दिन किया गया। सार्जेंट अल-हाजरी भी इस घटना में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा बैठे, जिससे सुरक्षा कर्मियों के बीच शोक का माहौल बना हुआ है।
पीड़ितों की कुल संख्या और घायलों की स्थिति
इस हादसे में अब तक कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है। इनमें कर्नल सऊद अल-खम्सान, सार्जेंट मोहम्मद अल-हाजरी और एक मिस्र का कर्मचारी शामिल है। इसके अलावा, वारंट अधिकारी मोहम्मद अल-शरफ और दो अन्य मिस्र के कर्मचारी अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। अधिकारी इस घटना की आगे की जांच कर रहे हैं और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है।




