Kuwait Air Defense Alert: कुवैत में घुसे विदेशी ड्रोन और मिसाइल, सेना ने हवा में ही मार गिराया, धमाकों से गूँजा पूरा देश
कुवैत की सेना ने आज 19 मार्च 2026 को देश की सुरक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई की है। सेना के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि कुवैत की एयर डिफेंस फोर्स ने विदेशी मिसाइलों और ड्रोनों के हमलों का सफलतापूर्वक जवाब दिया है। पूरे देश में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं, जो इन हमलों को हवा में ही नष्ट करने की वजह से हुई हैं। अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
कुवैत में धमाके क्यों हो रहे हैं और क्या स्थिति नियंत्रण में है?
रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल Saud Al-Atwan ने बताया कि आसमान में सुनाई देने वाले धमाके असल में कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम की सक्रियता का परिणाम हैं। यह सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों को आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही हवा में खत्म कर रहा है। सेना ने साफ किया है कि अभी तक किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
मार्च के महीने में यह छठा मौका है जब कुवैत को इस तरह के हमलों का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 3, 9, 11, 12 और 16 मार्च को भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। सुरक्षा बल पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं और आधुनिक एयर डिफेंस नेटवर्क की वजह से स्थिति पूरी तरह काबू में बताई जा रही है।
खाड़ी देशों में हालिया हमलों और सुरक्षा की ताजा स्थिति
कुवैत के अलावा सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे पड़ोसी देशों पर भी पिछले 24 घंटों में बड़े हमले हुए हैं। 18 मार्च को हुई 13 देशों की बैठक में इन हमलों की कड़ी निंदा की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार माना जा रहा है।
| तारीख | देश का नाम | सुरक्षा कार्रवाई का विवरण |
|---|---|---|
| 19 मार्च 2026 | Kuwait | मिसाइल और ड्रोन को हवा में नष्ट किया गया |
| 19 मार्च 2026 | Saudi Arabia | 26 ड्रोन और 2 बैलिस्टिक मिसाइलें गिराई गईं |
| 18 मार्च 2026 | UAE | 13 मिसाइल और 27 ड्रोन सफलतापूर्वक रोके गए |
| 19 मार्च 2026 | Qatar | गैस फैसिलिटी Ras Laffan पर हमला हुआ |
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है जिसमें खाड़ी देशों पर हो रहे इन हमलों की निंदा की गई है। कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।




