Kuwait Airport पर हुआ बड़ा ड्रोन हमला, फ्यूल टैंक को बनाया निशाना, सेना ने जारी किया बयान
कुवैत में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक बड़ी सुरक्षा घटना सामने आई है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) के पास स्थित ईंधन भंडारण टैंकों (Fuel Storage Tanks) को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया है कि यह देश के अहम बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की एक कोशिश थी, जिससे निपटने के लिए सेना ने मोर्चा संभाला।
सेना ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने आधिकारिक बयान में बताया कि कुवैत की वायु सीमा में कई "दुश्मन ड्रोन" (Hostile Drones) घुस आए थे। सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इनमें से कई ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन मलबे या सीधे हमले की वजह से फ्यूल स्टोरेज साइट पर आग लग गई। अधिकारियों ने बताया है कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और आग पर काबू पाने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
यात्रियों और प्रवासियों के लिए क्या है सलाह?
इस घटना के बाद कुवैत सिटी में सायरन की आवाजें सुनी गईं और सुरक्षा एजेंसियों ने "लेवल 1" की आपातकालीन तैयारी (Emergency Readiness) लागू कर दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस आधिकारिक चैनलों से जरूर चेक कर लें।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सुरक्षा कारणों से कुछ एयरस्पेस प्रतिबंध या रूट डायवर्जन हो सकते हैं। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के हालात
यह हमला एक व्यापक क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा माना जा रहा है। इसी समय के आसपास बहरीन, सऊदी अरब और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dubai International Airport) के पास भी इसी तरह की गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। कुवैत कैबिनेट ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। तेल और ईंधन की सप्लाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।





