कुवैत और बहरीन में ईरान की ओर से किए गए हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों के कारण रडार सिस्टम खराब हो गया है, जिससे एयरपोर्ट को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। बहरीन सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर रात का समुद्री कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। इन हमलों में 10 कुवैती सैनिक घायल हुए हैं और कई नागरिक सुविधाओं को भी नुकसान पहुँचा है।
कुवैत में क्या-क्या नुकसान हुआ है?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-अतवान ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में सेना ने 14 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन्स का सामना किया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमलों ने वहां के रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिसकी वजह से उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा। इसके अलावा एक सैन्य शिविर पर हुए हमले में 10 जवान घायल हो गए हैं और कुछ निजी लॉजिस्टिक कंपनियों के गोदामों को भी नुकसान पहुँचा है। कुवैत के विदेश मंत्री ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
बहरीन में नए नियम और सुरक्षा के हालात
- समुद्री कर्फ्यू: बहरीन ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए शाम 6:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक समुद्री कर्फ्यू लगा दिया है।
- मिसाइल हमले: बहरीन डिफेंस फोर्स के मुताबिक उन्होंने अब तक 175 मिसाइलों और 391 ड्रोन्स को मार गिराया है।
- इंडस्ट्री पर असर: बहरीन की बड़ी एल्युमीनियम कंपनी Alba पर भी हमला हुआ है, जिसमें दो कर्मचारी घायल हुए हैं।
- खाड़ी देशों का रुख: GCC के महासचिव और UAE ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरनाक बताया है।
भारतीय प्रवासियों और यात्रियों पर क्या असर होगा?
कुवैत में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि मुख्य एयरपोर्ट बंद होने से भारत आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर सीधा असर पड़ेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी एयरलाइंस से संपर्क बनाए रखें। बहरीन में रहने वाले भारतीय कामगारों को समुद्री कर्फ्यू के नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। खाड़ी देशों के बीच चल रहा यह तनाव व्यापार और वहां रह रहे प्रवासियों की सुरक्षा के लिहाज से काफी गंभीर माना जा रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वह अन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।
