Kuwait और Bahrain पर ईरान का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन गिरने से 10 जवान घायल, बहरीन में समुद्री कर्फ्यू
खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। 29 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन के इलाकों पर सीधे हमले किए गए। कुवैत के क्राउन प्रिंस को बहरीन के क्राउन प्रिंस Sheikh Salman bin Hamad Al Khalifa ने फोन करके इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में कुवैत के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है और सशस्त्र बलों के 10 जवान घायल हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
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कुवैत और बहरीन में हुए हमलों की पूरी जानकारी
कुवैत और बहरीन में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी सैन्य गतिविधि देखी गई है। हमलों के कारण बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है:
- सैनिकों की स्थिति: कुवैत के एक मिलिट्री कैंप पर हुए हमले में सेना के 10 कर्मी घायल हुए हैं।
- एयरपोर्ट पर असर: Kuwait International Airport के रडार स्टेशन को ड्रोन हमले में बड़ा नुकसान हुआ है।
- मिसाइलों की संख्या: कुवैत की सेना ने 14 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन को अपनी सीमा में ट्रैक किया है।
- बहरीन में कर्फ्यू: बहरीन ने सुरक्षा के लिहाज से रात 6:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक समुद्री कर्फ्यू लगा दिया है।
- एनर्जी प्लांट को नुकसान: बहरीन की ऊर्जा कंपनी Bapco के ठिकानों पर हुए हमलों से संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
अरब देशों की प्रतिक्रिया और डिप्लोमैटिक कोशिशें
कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि कुवैत के पास आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। सऊदी अरब, यूएई, कतर और जॉर्डन ने एक साझा बयान जारी कर ईरान के इन हमलों का विरोध किया है। खाड़ी में रहने वाले लोगों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। तनाव को कम करने के लिए इस्लामाबाद में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के मंत्रियों की एक बैठक भी हो रही है। दूसरी तरफ ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब देंगे।




