कुवैत के हवाई क्षेत्र और नागरिक विमानन सेवाओं पर हुए हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने कड़ा रुख अपनाया है। कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के बाद ICAO की परिषद ने इन घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हमलों से न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है, बल्कि हवाई यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर संकट पैदा हुआ है।

ℹ️: Iran US Tension: ईरान ने अमेरिका और इज़राइल पर लगाया ‘शैतानी जंग’ का आरोप, नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को बताया सुरक्षित

हवाई क्षेत्र में घुसपैठ से क्या नुकसान हुआ है?

कुवैत ने ICAO को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उसके हवाई क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन के जरिए अवैध तरीके से घुसपैठ की गई है। कुवैत के नागरिक उड्डयन अध्यक्ष शेख हमूद मुबारक हमूद अल-जाबेर अल-सबाह ने परिषद को नुकसान और कानूनी उल्लंघनों के सबूत पेश किए। इन घटनाओं का असर उड़ानों पर भी पड़ा है।

  • 28 फरवरी से शुरू हुए इन हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया।
  • इन घटनाओं के कारण कई बार उड़ानों को रोकना पड़ा और एयर नेविगेशन में बाधा आई।
  • जीसीसी देशों के साथ जॉर्डन, मिस्र और मोरक्को ने मिलकर इस मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया था।
  • ईरान पर कुवैत के हवाई क्षेत्र और विमानन सुविधाओं के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।
  • इन हमलों से नागरिक विमानन क्षेत्र को भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा पर असर

ICAO परिषद ने अपने 237वें सत्र के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें इन हमलों को शिकागो कन्वेंशन के अनुच्छेद 1 का सीधा उल्लंघन माना गया है। यह नियम हर देश को उसके अपने हवाई क्षेत्र पर पूरी संप्रभुता की गारंटी देता है। यूएई के अधिकारियों ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि नागरिक विमानों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मुख्य जानकारी विवरण
प्रस्ताव की तिथि 1 अप्रैल 2026
उल्लंघन का प्रकार मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल
शिकायतकर्ता कुवैत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA)
परिषद का निर्देश ऐसी गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग
अगला कदम मामले को संयुक्त राष्ट्र के निकायों को भेजा जाएगा

कुवैत और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि हवाई क्षेत्र में तनाव से उड़ानों के रूट बदल सकते हैं या देरी हो सकती है। ICAO ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की लगातार समीक्षा करता रहेगा ताकि अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को सुरक्षित रखा जा सके। यह फैसला नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए वैश्विक एकजुटता को दर्शाता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.