Kuwait Airways Flight: कुवैत एयरवेज ने पेरिस से दम्माम के लिए चलाई स्पेशल फ्लाइट, सऊदी के रास्ते कुवैत पहुंचेंगे यात्री
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KWI) और हवाई क्षेत्र पिछले 10 दिनों से बंद होने के कारण कुवैत एयरवेज ने फंसे हुए लोगों को वापस लाने के लिए एक खास कदम उठाया है। 10 मार्च 2026 को पेरिस से सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट के लिए एक स्पेशल फ्लाइट शेड्यूल की गई है। यात्री दम्माम में उतरने के बाद सड़क के रास्ते कुवैत की सीमा में प्रवेश करेंगे। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) ने इस वापसी अभियान की आधिकारिक पुष्टि की है।
स्पेशल फ्लाइट और वीज़ा के जरूरी नियम
इस फ्लाइट का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। सऊदी अरब के रास्ते सफर करने के कारण नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
- यात्रियों के पास पहले से कंफर्म बुकिंग होनी चाहिए या वे सीधे नई टिकट ले सकते हैं।
- सभी यात्रियों के लिए सऊदी ट्रांजिट वीज़ा (Saudi transit visa) लेना जरूरी है, इसके बिना सड़क मार्ग से कुवैत में एंट्री नहीं मिलेगी।
- जिन लोगों की कुवैत की पुरानी फ्लाइट कैंसिल हुई है, उन्हें एयरवेज की तरफ से रिफंड या फ्री रीबुकिंग की सुविधा दी जा रही है।
बुकिंग और फ्लाइट से जुड़ी मदद के लिए कुवैत के अंदर 171 पर और कुवैत के बाहर से +965 24345555 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा +965 1802050 पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।
किन अन्य देशों से आ रही हैं फ्लाइट्स
पेरिस के अलावा भी कई अन्य जगहों से कुवैत एयरवेज ने दम्माम के लिए चार्टर फ्लाइट्स की व्यवस्था की है। 10 मार्च को इस्तांबुल, 11 मार्च को काहिरा और 12 मार्च को अम्मान से भी स्पेशल फ्लाइट्स दम्माम एयरपोर्ट पहुंचेंगी। अधिकारियों के अनुसार लंदन और मैनचेस्टर से आई फ्लाइट्स के जरिए लगभग 1,600 नागरिक पहले ही सऊदी अरब के रास्ते सुरक्षित कुवैत लौट चुके हैं। कुवैत पब्लिक ट्रांसपोर्ट कंपनी सऊदी बॉर्डर से कुवैत तक सड़क मार्ग से लोगों को लाने का काम कर रही है।
एयरपोर्ट बंद होने का कारण
कुवैत एयरपोर्ट पर 8 मार्च को फ्यूल डिपो पर हुए एक कथित ड्रोन हमले के बाद सुरक्षा कारणों से कमर्शियल उड़ानों के लिए कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया था। हवाई सफर बाधित होने के कारण विदेश मंत्रालय और विमानन प्राधिकरण मिलकर इस वापसी प्लान को चला रहे हैं ताकि कुवैत के नागरिक और प्रवासी सुरक्षित अपने घरों तक पहुंच सकें।




