कुवैत ने किया बड़ा ऐलान, अब अल्जाइमर की पहचान के लिए शुरू होगी मॉलिक्यूलर इमेजिंग
कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी को समय रहते पकड़ने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। सरकार ने बताया है कि देश में जल्द ही मॉलिक्यूलर इमेजिंग (Molecular Imaging) की शुरुआत की जाएगी। इससे मरीजों के दिमाग में चल रही बीमारी का पता बहुत शुरुआती चरण में ही लग सकेगा और इलाज सही समय पर शुरू हो पाएगा। यह कदम आधुनिक दवाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए उठाया गया है।
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कैसे काम करेगी यह नई तकनीक?
इस नई व्यवस्था के तहत डॉक्टरों को खास तरह के रेडियोधर्मी ट्रेसर दिए जाएंगे जो बीमारी को स्कैन में साफ दिखाएंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जहरा अस्पताल (Jahra Hospital) और अल-फरवानिया अस्पताल (Al-Farwaniya Hospital) में पहले से ही PET/CT और PET/MRI जैसी बड़ी मशीनें लगी हुई हैं।
अब इनका उपयोग अल्जाइमर की जाँच यानी एमाइलॉयड टेस्टिंग (Amyloid Testing) के लिए भी किया जाएगा। यह तकनीक दिमाग के अंदर की उन बारीक चीजों को भी देख सकेगी जो सामान्य जाँच में पकड़ में नहीं आती हैं। जल्द ही इसे कुवैत कैंसर कंट्रोल सेंटर में भी विस्तार दिया जाएगा।
आम लोगों को कब से मिलेगा लाभ?
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के डॉ. अब्दुल-रेधा इस्माइल ने जानकारी दी है कि जैसे ही सभी तकनीकी मंजूरी और नियम पूरे हो जाएंगे, इस सेवा को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा। कुवैत इस कदम के साथ खाड़ी देशों (GCC) में उन्नत मेडिकल सुविधाओं का केंद्र बन रहा है।
इससे न सिर्फ कुवैत के नागरिकों को बल्कि पड़ोसी देशों के मरीजों को भी फायदा होगा। यह सुविधा मिर्गी और ब्रेन ट्यूमर जैसे अन्य रोगों के इलाज को सटीक बनाने में भी बहुत मददगार साबित होगी। सरकारी अस्पताल होने के कारण नागरिकों के लिए यह सेवा सुलभ होने की उम्मीद है।




