कुवैत और बहरीन के विदेश मंत्रियों ने 15 अप्रैल 2026 को एक जरूरी मीटिंग की। इस बैठक में ईरान की तरफ से हुए हमलों के असर और इलाके की सुरक्षा पर चर्चा हुई। पिछले कुछ हफ्तों से खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे यहाँ काम करने वाले प्रवासियों और यात्रियों के बीच चिंता का माहौल है।
ईरान ने कब और कहाँ किए हमले?
ईरान और उसके समर्थकों ने पिछले कुछ समय में कई बार हमले किए हैं। 1 अप्रैल 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में ड्रोन हमले से आग लग गई थी। इसी दिन बहरीन में भी एक बिजनेस सेंटर पर हमला हुआ। इसके बाद 9 और 10 अप्रैल को कुवैत की जरूरी सुविधाओं और बहरीन की डिफेंस फोर्स पर फिर से ड्रोन हमले किए गए।
हमलों का क्या नुकसान हुआ और क्या है कारण?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि ये हमले अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों का बदला थे। इन हमलों की वजह से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचों को चोट पहुंची है। नुकसान का ब्यौरा इस टेबल में देखा जा सकता है:
| तारीख | नुकसान | जगह |
|---|---|---|
| फरवरी 28 से मार्च 3 | 5 मौतें और 46 लोग घायल | कुवैत |
| 1 अप्रैल 2026 | फ्यूल टैंक में भीषण आग | कुवैत एयरपोर्ट |
| 1 अप्रैल 2026 | बिजनेस फैसिलिटी में आग | बहरीन |
