Kuwait New Rule: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, मस्जिदों और उनके बाहर इफ्तार बांटने पर लगी रोक
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। कुवैत के औकाफ (Awqaf) और सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने एक नया आदेश जारी किया है। इस नए निर्देश के तहत अब मस्जिदों के अंदर या उनके बाहरी परिसरों में इफ्तार के लिए भोजन बांटने या इफ्तार का आयोजन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह फैसला मध्य पूर्व में मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए एक एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है।
इफ्तार और टेंट को लेकर क्या है नया नियम
कुवैत सरकार ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद के अंदर और बाहर किसी भी तरह की इफ्तार पार्टी या खाना बांटने की अनुमति नहीं होगी। पहले तय नियमों के तहत कुछ शर्तों के साथ बाहर इफ्तार बांटने की छूट थी, लेकिन अब मार्च 2026 के नए आदेश के बाद इसे रद्द कर दिया गया है।
इसके अलावा कुवैत नगर पालिका (Kuwait Municipality) ने इफ्तार के लिए लगाए जाने वाले अस्थायी टेंट पर भी पाबंदी लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि भीड़ जमा होने से रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
चंदा और नमाज़ के लिए नए निर्देश
रमज़ान के दौरान दान और चंदा इकट्ठा करने के नियमों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। मस्जिदों, शॉपिंग मॉल और सार्वजनिक जगहों पर नकद (Cash) चंदा लेने पर सख्त रोक लगा दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे अपना दान केवल आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों जैसे K-Net, बैंक ट्रांसफर या मान्यता प्राप्त App के जरिए ही लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं को दें।
इसके साथ ही लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर भी नियम सख्त हुए हैं। बाहरी लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अज़ान और इकामत के लिए किया जाएगा। बाहरी स्पीकर पर तरावीह और कयाम की नमाज़ का प्रसारण पूरी तरह मना है। नमाज़ के समय की बात करें तो तरावीह की नमाज़ के लिए 20 मिनट और कयाम के लिए 30 मिनट का समय तय किया गया है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
कुवैत नगर पालिका के प्रवक्ता मोहम्मद संदान ने बताया है कि इन नियमों का पालन करना सबके लिए अनिवार्य है। जो भी व्यक्ति या समूह इन आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
कुवैत में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी तरह का दान डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ही करें और सुरक्षा कारणों से मस्जिद के पास भीड़ लगाने से बचें।




