कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, ईद के दौरान पार्टी और नाटकों पर लगाई रोक, वीज़ा पर भी आया नया नियम
कुवैत के आंतरिक मंत्रालय (MOI) ने सुरक्षा और मौजूदा क्षेत्रीय हालात को देखते हुए एक अहम फैसला लिया है. इसके तहत ईद-उल-फितर के दौरान सभी तरह के नाटक, पार्टी और शादियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. यह कदम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. इसके अलावा इफ्तार और वीज़ा नियमों में भी कई बदलाव किए गए हैं जिससे कुवैत में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को राहत मिली है.
क्या-क्या चीजें प्रतिबंधित रहेंगी
- ईद के दौरान सभी पब्लिक थिएटर नाटक, बड़ी पार्टियां और शादी समारोह अगले आदेश तक रद्द कर दिए गए हैं.
- मस्जिदों के अंदर या बाहर इफ्तार बांटने और इफ्तार के लिए टेबल लगाने पर सख्त पाबंदी है.
- खुले मैदान में नमाज़ पढ़ने पर रोक है और रमजान के आखिरी दस दिनों में रात की नमाज़ (तहज्जुद) आधी रात से शुरू होगी जो अधिकतम 30 मिनट तक चलेगी.
- समुद्र में मछली पकड़ने, बोटिंग करने और रेगिस्तान में कैंप लगाने पर अस्थायी रोक पहले की तरह जारी रहेगी.
- प्रवासियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे घर के बाहर किसी भी भीड़भाड़ वाले आयोजन या गरगियान (Gergean) सेलिब्रेशन का हिस्सा न बनें.
वीज़ा और छुट्टियों पर क्या है नया अपडेट
- सरकारी सेक्टर के लिए ईद की छुट्टियां 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 23 मार्च 2026 तक रहेंगी.
- जिन लोगों का विजिट वीज़ा 28 फरवरी 2026 या उसके बाद खत्म हो रहा है, उन्हें मंत्रालय ने सिस्टम से ही एक महीने का एक्सटेंशन दे दिया है.
- जो निवासी (Resident) कुवैत से बाहर हैं और उनके देश के बाहर रहने की अवधि समाप्त हो गई है, उन्हें 3 महीने का अतिरिक्त परमिट दिया गया है.
- मंत्रालय ने उस अफवाह को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि बिना परमिट रमजान की महफिल सजाने पर 1000 KD का जुर्माना और 6 महीने की जेल होगी.
टिकट रिफंड और टेंट लगाने के नियम
सुरक्षा कारणों से कैंसिल हुए बड़े नाटकों के टिकट का पैसा लोगों को वापस किया जाएगा. इवेंट ऑर्गनाइज़र और एरिना कुवैत प्रबंधन जल्द ही रिफंड का तरीका घोषित करेंगे. इसके अलावा जो लोग रमजान के दौरान अपना टेंट लगाना चाहते हैं, उन्हें 500 KD की फीस और 500 KD का रिफंडेबल डिपॉजिट जमा करना होगा. मंत्रालय ने सभी प्रवासियों और नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सरकारी और वेरिफाइड खबरों पर ही भरोसा करें.





