कुवैत सरकार ने देश भर की मस्जिदों के बाहरी हिस्से के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। 10 मार्च 2026 से लागू हुए इस नए नियम के तहत अब मस्जिदों के बाहर नमाज़ पढ़ने या किसी भी तरह की अन्य गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम देश में राष्ट्रीय सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट के अनुसार, अब सभी नमाज़ियों को मस्जिद के अंदरूनी हॉल में ही नमाज़ अदा करनी होगी और बाहरी आंगन का इस्तेमाल बंद रहेगा।

🚨: Kuwait New Rule: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, मस्जिदों और उनके बाहर इफ्तार बांटने पर लगी रोक

नियम में क्या बदलाव हुए हैं?

कुवैत के औकाफ और इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने सभी इमामों और मस्जिद प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले के बाद शुक्रवार और रमज़ान के दौरान होने वाली विशेष नमाज़ के लिए जो लोग मस्जिद के बाहर सफ बनाते थे, वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।

  • मस्जिद के बाहरी आंगन में नमाज़ पढ़ने पर पूरी तरह से रोक है।
  • इफ्तार का वितरण या अन्य सामाजिक कार्य भी बाहर नहीं किए जा सकेंगे।
  • नमाज़ियों को केवल मुख्य प्रार्थना हॉल तक ही सीमित रहना होगा।
  • नियम का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

सुरक्षा कारणों से लिया गया बड़ा फैसला

कुवैत प्रशासन ने बताया है कि यह फैसला मौजूदा परिस्थितियों और राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है। इससे पहले मार्च की शुरुआत में देश में ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी लगाई गई थी। कुवैत के आंतरिक मंत्रालय और संबंधित विभाग सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मस्जिदों के आस-पास विशेष निगरानी रख रहे हैं। कुवैत में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे इन नए नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। रमज़ान के बचे हुए दिनों में मस्जिदों के अंदर ही इबादत करने की अपील की गई है ताकि समुदाय में सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.