कुवैत में अधिकारियों ने सीमा पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी नागरिकता के एक बड़े नेटवर्क का पता लगाया है। न्वासीब बॉर्डर (Nuwaiseeb border) पर रात के समय एक व्यक्ति को देश छोड़कर भागते हुए रोका गया। इस गिरफ्तारी के बाद हुई जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिससे 133 लोगों की कुवैती नागरिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला देश में चल रहे पहचान और नागरिकता जांच अभियान से जुड़ा है।

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कैसे पकड़े गए आरोपी और क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 8 बजे एक व्यक्ति को बॉर्डर पर रोका गया जो नशीले पदार्थों के मामले में मिली 7 साल की सजा से बचने की कोशिश कर रहा था। जांच में पता चला कि उसके पास फर्जी कुवैती नागरिकता थी। इसके बाद रात 2 बजे उसके पिता को भी भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया। उसी दिन अल-सलमी बॉर्डर पर एक दूसरे व्यक्ति को भी पकड़ा गया, जो कागजों में इनका भाई बना हुआ था।

133 लोगों की नागरिकता पर कैसे पड़ा असर?

जांच अधिकारियों ने जब डीएनए टेस्ट (DNA Testing) कराया, तो पता चला कि इन लोगों का आपस में कोई खून का रिश्ता नहीं है। इस फर्जीवाड़े में कुल 133 लोग शामिल पाए गए। इनमें से 79 लोग पहले गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से जुड़े थे, जबकि 54 लोग दूसरे फर्जी भाई के नाम पर रजिस्टर थे। असली भाइयों ने भी पूछताछ में माना कि उनके पिता ने दूसरों को परिवार में शामिल किया था।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.