Kuwait Government का बड़ा ऐलान, किसी भी देश पर हमले के लिए इस्तेमाल नहीं होगा कुवैत का इलाका, कैबिनेट ने किया साफ़.
Kuwait की सरकार ने एक बार फिर दुनिया को साफ़ कर दिया है कि वह शांति बनाए रखना चाहता है. 14 अप्रैल 2026 को कैबिनेट ने दोहराया कि कुवैत की ज़मीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमला करने के लिए नहीं होने दिया जाएगा. यह फैसला देश की पुरानी विदेश नीति और संविधान के नियमों के तहत लिया गया है.
कुवैत की विदेश नीति और मुख्य नियम क्या हैं?
Kuwait साल 1961 में अपनी आज़ादी के समय से ही शांति का रास्ता अपनाता रहा है. उसकी विदेश नीति में कुछ मुख्य बातें शामिल हैं:
- दूसरे देशों की संप्रभुता और आज़ादी का सम्मान करना.
- किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देना.
- पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना.
- अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना और दुनिया में शांति बढ़ाना.
- विवादों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाना.
हाल के घटनाक्रम और सरकार का रुख क्या है?
पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है. मार्च 2026 में कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल अहमद ने कहा था कि कुवैत की शांति नीति के बावजूद एक पड़ोसी देश ने उस पर हमला किया था. इसी तनाव के बीच कैबिनेट ने ईरान के हमलों की निंदा की और अपनी रक्षा का अधिकार जताया. 14 अप्रैल 2026 को विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबिर अल-अहमद ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार से फ़ोन पर बात की और क्षेत्रीय युद्धविराम के प्रयासों पर चर्चा की.
सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए क्या प्रावधान हैं?
भले ही कुवैत किसी अन्य देश पर हमले की अनुमति नहीं देता, लेकिन वह अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- United Nations चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत कुवैत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है.
- कुवैत अपनी ज़मीन, हवाई क्षेत्र, नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की रक्षा करेगा.
- GCC देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और इसे अलग नहीं किया जा सकता.




