Kuwait में नागरिकता घोटाले का बड़ा खुलासा, लड़की को लड़का बताकर ली सरकारी सुविधा, 63 लोगों की नागरिकता रद्द
कुवैत में नागरिकता से जुड़े फर्जीवाड़े के खिलाफ सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। एक अजीबोगरीब मामले में सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर कर एक महिला की पहचान को पुरुष में बदल दिया गया था। सुप्रीम कमिटी ने इस मामले की जांच पूरी होने के बाद कड़ा फैसला लेते हुए कुल 63 लोगों की कुवैती नागरिकता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
1971 से चल रहा था फर्जीवाड़ा
जांच कमिटी की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला 1971 का है जब एक कुवैती नागरिक ने अपने रिकॉर्ड में दो फर्जी बेटियों का नाम जोड़ा था। इसके बाद 1998 में उसने ‘नूरा’ नाम की एक बेटी का जेंडर बदलकर उसे ‘नूर’ नाम से लड़का दर्ज करवा दिया। इसका मुख्य मकसद लड़कों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं जैसे शादी का लोन, रेंट अलाउंस और घर के भत्ते का लाभ उठाना था। अब 50 साल बाद यह पूरा खेल सामने आया है।
जांच में ऐसे खुला राज
Sheikh Fahd Al-Yousef की अध्यक्षता वाली कमिटी ने जब मामले की जांच शुरू की तो डीएनए और बायोमेट्रिक्स ने सारी सच्चाई सामने रख दी। क्रिमिनल एविडेंस डिपार्टमेंट ने पाया कि इन लोगों का मुख्य परिवार से कोई खून का रिश्ता नहीं था। जांच में यह भी शक जताया गया है कि 90 के दशक में नागरिकता विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह काम किया गया था। अब सरकार ने इन सभी को ‘identity limbo’ में डाल दिया है।
कड़ी कार्रवाई और जुर्माना
कुवैत सरकार ने Decree-Law No. 116 of 2024 के तहत यह कार्रवाई की है, जो धोखाधड़ी से नागरिकता लेने वालों पर लागू होता है। इस मामले में मुख्य आरोपी और उस पर आश्रित सभी लोगों का नाम नागरिकता सूची से हटा दिया गया है। मामले को अब कोर्ट भेज दिया गया है ताकि कानूनी सजा दी जा सके। इसी तरह के अन्य मामलों में सरकार ने आरोपियों पर 4 लाख दीनार से ज्यादा का जुर्माना भी लगाया है।
- कुल प्रभावित लोग: 63 लोगों की नागरिकता गई।
- मुख्य कारण: जेंडर बदलकर सरकारी लाभ लेना।
- जांच एजेंसी: सुप्रीम कमिटी फॉर सिटीजनशिप इन्वेस्टिगेशन।
- कानूनी धारा: आर्टिकल 21 के तहत कार्रवाई।




