सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर हमले के बाद कुवैत सख्त, ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा
कुवैत कैबिनेट ने सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 25 मार्च 2026 को जारी एक बयान में कुवैत ने इन हमलों को क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत ने साफ कहा है कि इस तरह की हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अच्छे पड़ोसी संबंधों का सीधा उल्लंघन हैं। इस घटना का असर न केवल स्थानीय सुरक्षा पर बल्कि वहां काम करने वाले प्रवासियों के जीवन पर भी पड़ रहा है।
इन हमलों का कुवैत और सऊदी पर क्या असर पड़ा?
ईरानी ड्रोन हमलों की वजह से सऊदी अरब के साथ-साथ कुवैत में भी कई समस्याएं पैदा हुई हैं। 25 मार्च 2026 को कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई, हालांकि किसी की जान नहीं गई। इसके अलावा, ईरान की तरफ से आने वाले ड्रोनों को हवा में नष्ट करने के दौरान उनके मलबे से बिजली के तारों को नुकसान पहुंचा, जिसके कारण कुवैत के कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई ठप हो गई। सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों पर भी लगातार हमले की खबरें सामने आई हैं।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए क्या है स्थिति?
सऊदी अरब और कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं। इस तरह के हमलों से बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली और पानी की सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है क्योंकि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ऊर्जा और पानी के प्लांटों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण संस्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
कुवैत सरकार द्वारा उठाए गए मुख्य कदम
कुवैत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है और कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है:
- कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब कर हमलों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
- सऊदी अरब के साथ मिलकर साझा सुरक्षा रणनीति पर चर्चा की गई है।
- नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और बिजली विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- ड्रोन हमलों से बचाव के लिए तकनीकी प्रणालियों को और मजबूत किया जा रहा है।
- कुवैत के अमीर और सऊदी क्राउन प्रिंस ने मिलकर इन हमलों को क्षेत्र के लिए खतरनाक बताया है।




