कुवैत सरकार ने इराक के बसरा शहर में अपने दूतावास (Consulate) पर हुए हमले और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है। यह घटना मंगलवार, 8 अप्रैल 2026 को हुई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। कुवैत ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों और वियना संधि का सीधा उल्लंघन बताया है और इराक सरकार से जवाबदेही की मांग की है। कुवैत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा नहीं है।

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दूतावास पर हमला और प्रदर्शन का मुख्य कारण

बसरा में यह विरोध प्रदर्शन एक रॉकेट हमले के बाद शुरू हुआ जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि यह रॉकेट कुवैत की दिशा से आया था, जिसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दूतावास का घेराव किया। भीड़ ने दूतावास की दीवारों को फांदकर अंदर प्रवेश किया, वहां तोड़फोड़ की और कुवैत का राष्ट्रीय ध्वज हटाकर इराक का झंडा लगा दिया। सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

कुवैत सरकार के आधिकारिक बयान और नियम

कुवैती विदेश मंत्रालय ने वियना कन्वेंशन 1963 के अनुच्छेद 31 का हवाला देते हुए इराक को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाई है। इस नियम के अनुसार, मेजबान देश को किसी भी विदेशी मिशन की पूरी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करनी होती है। कुवैत के साथ-साथ कतर ने भी इस हमले की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने पर जोर दिया है।

मुख्य बिंदु जानकारी
घटना की तारीख 8 अप्रैल 2026
स्थान बसरा, इराक
कानूनी उल्लंघन वियना कन्वेंशन 1963 (अनुच्छेद 31)
कुवैत का आदेश नागरिकों को रात में घर के अंदर रहने की सलाह
कैजुअल्टी रॉकेट हमले में 3 लोगों की मौत (दूतावास से अलग घटना)

इस घटना के बाद कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर अपने नागरिकों के लिए स्टे-एट-होम एडवाइजरी जारी की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना इराक और कुवैत के बीच पिछले कई सालों का सबसे बड़ा कूटनीतिक संकट बन सकती है। फिलहाल कुवैत ने इराक सरकार को इस सुरक्षा विफलता के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।