कुवैत की अपील कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग और देश के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक कुवैती नागरिक और एक एशियाई प्रवासी को सात साल की कड़ी जेल की सजा सुनाई है। जस्टिस डॉ. फहद बू सालिब की कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि देश के बैंकिंग नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सजा और पाबंदियों की सूची

  • कुवैती नागरिक और एशियाई प्रवासी दोनों को सात साल के कठोर कारावास की सजा मिली है।
  • एशियाई प्रवासी को अपनी जेल की अवधि पूरी करने के बाद तुरंत कुवैत से डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
  • मामले में शामिल तीन कंपनियों पर अगले पांच सालों तक किसी भी कमर्शियल काम को करने पर रोक लगा दी गई है।
  • इस फैसले की जानकारी जनता को जागरूक करने के लिए सरकार के आधिकारिक गजट में भी प्रकाशित की जाएगी।

जुर्माना और आरोपों का पूरा विवरण

मुख्य जानकारी विवरण
कुल जुर्माना राशि KD 8,367,360 (लगभग $27.2 मिलियन)
जुर्माने का प्रकार दोषियों और कंपनियों को मिलकर यह राशि भरनी होगी
प्रमुख आरोप 1 मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन का लेनदेन
प्रमुख आरोप 2 सेंट्रल बैंक के लाइसेंस के बिना बैंकिंग गतिविधियां चलाना
प्रमुख आरोप 3 देश के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाना

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जो कंपनियां इस अवैध काम में शामिल थीं, उन्हें व्यापारिक पाबंदियों का सख्ती से पालन करना होगा। यह मामला कुवैत में गैर-कानूनी तरीके से पैसे के लेन-देन करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।