कुवैत के सिविल सर्विस काउंसिल (CSC) ने सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। इस फैसले के तहत सरकारी संस्थाओं में कुल कर्मचारियों की संख्या को 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। यह नया नियम सोमवार 2 मार्च 2026 से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा। काउंसिल का कहना है कि वर्तमान क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए कामकाज को व्यवस्थित करने और जनता के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

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कामकाज और रोटेशन के लिए क्या हैं नए नियम?

सरकार ने विभागों को कामकाज चलाने के लिए कुछ विकल्प दिए हैं ताकि सर्विस पर असर न पड़े। इन नियमों को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • सरकारी विभाग अपने कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक स्टाफ रोटेशन सिस्टम लागू कर सकते हैं।
  • जरूरत के आधार पर कुछ कर्मचारियों को बिना रोटेशन के भी ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है।
  • जिन कर्मचारियों को ऑफिस आने से छूट मिलेगी, उनका वह समय वर्किंग टाइम ही माना जाएगा।
  • सभी शाम की शिफ्ट को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
  • जो विभाग 24 घंटे आवश्यक सेवाएं देते हैं, उनके शिफ्ट सिस्टम पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा।

आम जनता और प्रवासियों पर क्या होगा इसका असर?

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय हालातों के बीच बिजनेस कंटिन्यूटी बनाए रखना है। हालांकि दफ्तरों में स्टाफ की मौजूदगी कम होने से लोगों को सरकारी कामों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म या ऑनलाइन सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और एक्टिंग CSC चेयरमैन शरीदा अल-मौशेरजी ने इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की है। जो विभाग अपनी जरूरतों के हिसाब से 30 प्रतिशत से अधिक स्टाफ चाहते हैं, उन्हें सिविल सर्विस कमीशन के साथ तालमेल बिठाना होगा। यह आदेश नेशनल और लिबरेशन डे की छुट्टियों के बाद काम शुरू होने के ठीक बाद आया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.