कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद MOH की रिपोर्ट, 1 मौत और 32 घायल, एयरपोर्ट पर भी गिरा मलबा
कुवैत में 1 मार्च 2026 को हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय (MOH) ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। इन हमलों में एक व्यक्ति की जान गई है और 32 लोग घायल हुए हैं। सरकार ने सुरक्षा को देखते हुए कड़े कदम उठाए हैं और लोगों से केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करने को कहा है। इस घटना के बाद कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों के लिए कई नए नियम भी लागू किए गए हैं।
घायलों की स्थिति और अस्पतालों की तैयारी
कुवैत स्वास्थ्य मंत्रालय (MOH) के अनुसार, हमले के बाद सभी घायलों को सबसे पहले Al-Adan Hospital के इमरजेंसी विभाग में लाया गया था। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और जरूरत के हिसाब से मरीजों को अलग-अलग वार्ड में भेजा।
कुल 32 घायलों में से 15 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए Jaber Al-Ahmad Hospital में शिफ्ट किया गया है। इनमें से 5 लोगों को गंभीर चोटें आई थीं, जिनके लिए तुरंत सर्जरी करनी पड़ी। इन मरीजों को छाती, सिर और पेट में चोटें लगी थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. अब्दुल्ला अल-सनद ने पुष्टि की है कि अस्पताल और आईसीयू पूरी तरह से तैयार हैं।
97 मिसाइलें और 283 ड्रोन हवा में नष्ट
कुवैत के रक्षा मंत्रालय (MOD) ने जानकारी दी है कि देश की सुरक्षा प्रणाली ने बेहतरीन काम किया है। सेना ने कुल 97 बैलिस्टिक मिसाइलों और 283 ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। कर्नल सऊद अल-अतवान ने बताया कि एयर डिफेंस फोर्स ने नियमों के तहत ही कार्रवाई की है।
मिसाइलों को हवा में नष्ट करने के कारण उनका मलबा अलग-अलग जगहों पर गिरा। Kuwait International Airport के टर्मिनल 1 पर मलबा गिरने से वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। इसके अलावा Ali Al-Salem Air Base के पास भी मलबा देखा गया। सुरक्षा के लिए हवाई क्षेत्र (Airspace) को बंद कर दिया गया था, जिससे कई फ्लाइट्स पर असर पड़ा है।
सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के लिए नए नियम
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुवैत सरकार ने आम जनजीवन के लिए कुछ बदलाव किए हैं। उप प्रधान मंत्री ने ऐलान किया है कि 2 मार्च 2026 से सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति (Attendance) घटाकर सिर्फ 30% कर दी गई है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जरूरी काम भी होते रहें और लोगों की जान को खतरा भी न हो।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं। Kuwait University और Abdullah Al-Salem University में अब अगले आदेश तक पढ़ाई ऑनलाइन (Distance Learning) होगी। मंत्रालय ने नागरिकों और वहां रहने वाले भारतीयों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल KUNA जैसी सरकारी एजेंसियों की खबरों को ही सही मानें।




