कुवैत में रविवार की सुबह और शनिवार की शाम को कई ड्रोन हमले हुए हैं जिससे तेल क्षेत्र और सरकारी इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है. कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने बताया कि शुवैख इलाके में स्थित उनके कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई. हालांकि राहत की बात यह है कि इन हमलों में किसी भी इंसान को चोट नहीं आई है और बचाव टीमों ने समय रहते हालात पर काबू पा लिया है. इन घटनाओं के बाद कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था और चौकस कर दी गई है.

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हमलों में किन जगहों को पहुंचाया गया नुकसान?

कुवैत के वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि शनिवार की शाम मंत्रालयों के परिसर पर हमला हुआ जिससे काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है. इसके अलावा बिजली और पानी के दो बड़े प्लांट को भी निशाना बनाया गया जिसके कारण दो बिजली उत्पादन यूनिट बंद करनी पड़ी हैं. सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया जिससे धमाकों की आवाजें सुनी गईं. प्रशासन ने बताया कि दुश्मन के ड्रोन हमलों की वजह से कुछ सरकारी इमारतों को भौतिक रूप से काफी क्षति पहुंची है.

कुवैत सरकार ने क्या उठाए कदम और आम जनता पर क्या होगा असर?

प्रशासन ने सुरक्षा और जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए हैं जिनकी जानकारी इस प्रकार है:

  • वित्त मंत्रालय ने अपने सभी कर्मचारियों को रविवार को घर से काम करने के निर्देश दिए हैं.
  • पब्लिक अथॉरिटी फॉर माइनर्स अफेयर्स (PAMA) ने अपनी मुख्य इमारत को फिलहाल बंद कर दिया है.
  • बिजली और पानी मंत्रालय की टीमें सिस्टम को सुरक्षित रखने और सप्लाई सामान्य बनाने के लिए काम कर रही हैं.
  • कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने एहतियात के तौर पर अपने पूरे कॉम्प्लेक्स को खाली करा लिया है.

हमलों का डेटा और मौजूदा स्थिति की जानकारी

कुवैत की सेना और संबंधित विभागों ने पिछले 24 घंटों में हुए हमलों का ब्यौरा साझा किया है जिसे आप नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

हमले का प्रकार कुल संख्या (24 घंटे) नतीजा
बैलिस्टिक मिसाइल 9 सेना द्वारा इंटरसेप्ट की गईं
ड्रोन (Drones) 19 तेल कॉम्प्लेक्स और मंत्रालय हिट हुए
जानी नुकसान 0 कोई घायल नहीं हुआ
पावर प्लांट 2 यूनिट काम बंद करना पड़ा

कुवैत के रक्षा विभाग ने कहा है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है और आने वाले खतरों को रोकने की कोशिश कर रहा है. मंत्रालय ने इसे बाहरी हमला करार दिया है और कहा है कि तकनीकी टीमें नुकसान की भरपाई में जुटी हैं ताकि आम जनता को बिजली और पानी की कमी न हो.