Kuwait Emergency: कुवैत में लगातार बजी खतरे की घंटी, एयरपोर्ट के पास दिखा ड्रोन, सरकार ने जारी किया अलर्ट
कुवैत में 16 मार्च 2026 को अचानक खतरे का सायरन बजने लगा, जिससे आम लोगों में डर का माहौल बन गया. यह कोई रूटीन टेस्ट नहीं था, बल्कि असली खतरे के कारण सायरन बजाया गया. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में क्षेत्रीय तनाव शुरू होने के बाद यह 89वीं बार सायरन बजने की घटना है. रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय (MoI) ने साफ किया है कि सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं और आसमान में दिखे कुछ ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया गया है.
एयरपोर्ट और एयरबेस के पास ड्रोन की गतिविधि
अधिकारियों के मुताबिक, अहमद अल-जाबेर एयरबेस के पास दो मिसाइलें गिरी हैं. इसके अलावा Kuwait International Airport के आसपास भी ड्रोन की गतिविधि देखी गई, जिससे रडार सिस्टम को थोड़ा नुकसान पहुंचा है. रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि सोमवार सुबह से ही कई ड्रोन और मिसाइलों का सामना किया गया है. कुवैत नेशनल गार्ड ने भी सायरन बजने से एक शाम पहले आसमान में एक ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है. हवा में इन चीजों को नष्ट करने के बाद मलबा गिरने की 12 घटनाओं की रिपोर्ट मिली है, जिन्हें सुरक्षा टीमों ने हटा दिया है.
प्रवासियों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
कुवैत में रहने वाले सभी लोगों और प्रवासियों के लिए सिविल डिफेंस ने कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं. लोगों से कहा गया है कि वे इमारतों के अंदर सुरक्षित स्थानों पर रहें. अगर सायरन की आवाज तेज या कम होती है, तो यह तत्काल खतरे का संकेत है और ऐसे में तुरंत नीचे की मंजिलों या शेल्टर में चले जाएं. इसके साथ ही खिड़कियों, कांच के दरवाजों और खुली जगहों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है. सुरक्षा के लिए गैस और बिजली के मेन स्विच बंद रखने को कहा गया है. खतरे के समय लिफ्ट का इस्तेमाल पूरी तरह मना है और सिर्फ इमरजेंसी सीढ़ियों का उपयोग करने की हिदायत दी गई है.
स्कूल और दफ्तरों के लिए सरकार का नया आदेश
इस ताजा घटनाक्रम को देखते हुए कुवैत सरकार ने सावधानी बरतने का फैसला लिया है. आम लोगों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में पढ़ाई को डिस्टेंस लर्निंग (ऑनलाइन) मोड में शिफ्ट कर दिया गया है. इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति घटाकर सिर्फ 30 प्रतिशत कर दी गई है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर बौसलेब ने चेतावनी दी है कि लोग सोशल मीडिया पर कोई भी अफवाह या बिना पुष्टि वाले वीडियो शेयर न करें. गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.




