कुवैत में फर्जी डिग्री पकड़े जाने पर 5 साल की जेल और 5000 दीनार जुर्माना, सरकार ने शुरू की जांच
कुवैत में फर्जी एजुकेशन सर्टिफिकेट यानी जाली डिग्री को लेकर सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। अब अगर कोई भी कर्मचारी जाली सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया तो उसे पांच साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा 5,000 कुवैती दीनार का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के डॉक्युमेंट्स की जांच बहुत तेज कर दी है।
सजा और जुर्माने के कड़े नियम
कुवैत के पीनल कोड की धारा 259 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कर्मचारी को नौकरी से तुरंत निकाल दिया जाएगा और भविष्य में किसी भी रोजगार के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। कोर्ट के पास यह अधिकार है कि वह जेल और जुर्माना दोनों सजा एक साथ सुना दे।
सिर्फ इतना ही नहीं, जब से वह व्यक्ति नौकरी कर रहा है, तब से लेकर अब तक ली गई पूरी सैलरी, बोनस और अन्य भत्ते भी सरकार कानूनी तौर पर वापस वसूलेगी। अगर किसी ने फर्जी पीएचडी के आधार पर भत्ता लिया है, तो उसे हर साल का लगभग 4,800 दीनार वापस करना पड़ सकता है।
सहेल ऐप के जरिए होगी जांच
सरकार ने जांच के लिए ‘Sahel’ ऐप का इस्तेमाल जरूरी कर दिया है। सभी कर्मचारियों को अपने सर्टिफिकेट इस ऐप के जरिए वेरिफाई कराने होंगे। शिक्षा मंत्रालय ने अपने करीब 1,40,000 कर्मचारियों के साल 2000 से लेकर अब तक के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
सिविल सर्विस कमीशन ने भी सभी मंत्रालयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्मचारियों का डेटा अपडेट करें। अकादमिक क्रेडेंशियल्स वेरिफिकेशन कमेटी ने साफ कहा है कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और प्राइवेट सेक्टर में भी मैनपावर अथॉरिटी द्वारा जांच की जाएगी।




