कुवैत के विदेश मंत्री से मिले चीन के विशेष दूत, खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और सुरक्षा पर हुई बड़ी चर्चा
कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा ने 15 मार्च 2026 को मध्य पूर्व के लिए चीन के विशेष दूत झाई जुन से मुलाकात की। आधिकारिक कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों की समीक्षा करना था। इस बातचीत के दौरान कुवैत में चीनी हितों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी प्रमुख रूप से जोर दिया गया।
क्षेत्र में शांति के लिए चीन की कूटनीति
चीन इस समय खाड़ी देशों में शांति बहाल करने के लिए ‘शटल डिप्लोमेसी’ के तहत सक्रिय रूप से काम कर रहा है। कुवैत पहुंचने से पहले चीनी दूत ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का भी दौरा किया था। चीन की कोशिश है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द संघर्षविराम लागू हो और राजनीतिक स्तर पर बातचीत दोबारा शुरू की जाए।
- चीनी अधिकारियों ने खाड़ी क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा पर जोर दिया है ताकि दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो।
- चीन के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि सैन्य बल से कोई समाधान नहीं निकलेगा और सैन्य अभियानों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
- इस कूटनीतिक प्रयास से पहले चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी संबंधित पक्षों से फोन पर शुरुआती चर्चा की थी।
हजारों लोगों की वापसी और कुवैत का रुख
खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान सुरक्षा हालात को देखते हुए चीन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। 12 मार्च की रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने UAE, ओमान और सऊदी अरब से अपने 10,000 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित वापस बुला लिया है। इसके साथ ही चीनी नागरिकों के लिए संघर्ष वाले क्षेत्रों के आसपास यात्रा न करने की सख्त चेतावनी जारी की गई है। इस माहौल को देखकर गल्फ देशों में रहने वाले अन्य विदेशी कामगार भी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
कुवैत के विदेश मंत्री ने बैठक में यह स्पष्ट किया है कि कुवैत इस संघर्ष का सीधा हिस्सा नहीं है, लेकिन क्षेत्र का देश होने के नाते वह इससे प्रभावित जरूर होता है। कुवैत कूटनीतिक बातचीत से समाधान निकालने का समर्थन करता है। इसके साथ ही कुवैत सरकार ने भरोसा दिया है कि देश में काम कर रहे सभी चीनी संस्थानों और कर्मचारियों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जाएगी।




