Kuwait के समर्थन में उतरा जर्मनी, ईरान के हमलों के बीच राष्ट्रपति ने किया Crown Prince को फोन
कुवैत और जर्मनी के बीच एक अहम कूटनीतिक बातचीत हुई है। कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-सबा को जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमायर ने फोन किया। इस दौरान जर्मनी ने कुवैत पर हो रहे ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की और कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए अपना पूरा समर्थन जताया। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने पर चर्चा की।
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जर्मनी ने कुवैत को दिया पूरा समर्थन
कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) के अनुसार 11 मार्च 2026 को जर्मनी के राष्ट्रपति ने खुद कुवैत के क्राउन प्रिंस को फोन कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने ईरान द्वारा कुवैत और आस-पास के देशों पर किए जा रहे लगातार हमलों को गलत बताया। जर्मनी ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कुवैत को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता बनाए रखने का पूरा अधिकार है। इस दौरान कुवैत के क्राउन प्रिंस ने जर्मनी के इस समर्थन और दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की सराहना की। दोनों देशों ने कूटनीति के जरिए इस संकट को सुलझाने पर जोर दिया।
कुवैत पर हुए हालिया हमले और नुकसान
पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में काफी तनाव बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
- 8 से 10 मार्च के बीच हुए हमलों में कुवैत के दो बॉर्डर गार्ड शहीद हो गए।
- Kuwait International Airport के फ्यूल टैंक को भारी नुकसान पहुंचा है।
- पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी (PIFSS) के मुख्यालय पर भी असर पड़ा है।
कुवैत ने आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया है। कुवैत का कहना है कि अपने नागरिकों और अहम ठिकानों की रक्षा के लिए उसे अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है।
जर्मनी की अन्य खाड़ी देशों से भी बातचीत
जर्मनी इस तनावपूर्ण हालात को शांत करने के लिए लगातार कूटनीतिक स्तर पर काम कर रहा है। कुवैत के क्राउन प्रिंस से बात करने से ठीक एक दिन पहले 10 मार्च 2026 को जर्मनी के राष्ट्रपति ने अन्य नेताओं से भी बात की। उन्होंने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय को फोन कर चर्चा की। इन सभी देशों के साथ बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति स्थापित करना और तनाव को खत्म करना है। खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक नेता लगातार आपस में संपर्क बनाए हुए हैं।




