यमन के ताइज़ प्रांत में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत आई है। कुवैत की मदद से यहां एक आवासीय गांव का नया चरण पूरा हो गया है। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन परिवारों को छत मिली है जो बाढ़ की वजह से अपने घर खो चुके थे। इस गांव का नाम ‘अबू हलीफा’ रखा गया है और इसे कुवैत की अल-नajat चैरिटी ने फंड किया है।
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अबू हलीफा गांव में क्या सुविधाएं दी गई हैं?
इस प्रोजेक्ट के तहत विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए लगभग 50 नए घर बनाए गए हैं। प्रोजेक्ट के आयोजक Abdulraouf Al-Yousifi ने बताया कि ये सभी घर पूरी तरह तैयार हैं और जरूरी सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि लोगों की बुनियादी जरूरतों को देखते हुए यहां अन्य इंतजाम भी किए गए हैं:
- बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल का निर्माण किया गया है।
- परिवारों की कमाई के लिए खेती योग्य जमीन दी गई है।
- घरों को रहने के लिए सुरक्षित और आरामदायक बनाया गया है।
अधिकारियों और शासन ने इस मदद पर क्या कहा?
ताइज़ के गवर्नर Nabil Shamsan ने कुवैत की इस मानवीय मदद के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास गरीब परिवारों की जिंदगी सुधारने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं ताइज़ के डिप्टी गवर्नर Abdulqawi Al-Mikhlafi ने कुवैत के मानवीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इससे यमन के लोगों को स्थिरता मिलेगी। अल-नajat चैरिटी के मीडिया सेक्टर हेड Abdullah Al-Shihab ने बताया कि यह मदद दुनिया के अलग-अलग देशों में उनके मानवीय कार्यों का एक हिस्सा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमन के ताइज़ में कुवैत ने क्या मदद की है?
कुवैत की अल-नajat चैरिटी ने ‘अबू हलीफा’ नाम का एक आवासीय गांव बनवाया है, जिसमें बाढ़ प्रभावित विस्थापित परिवारों के लिए लगभग 50 नए घर तैयार किए गए हैं।
इस आवासीय गांव में घरों के अलावा और क्या उपलब्ध है?
इस प्रोजेक्ट में रहने के लिए घरों के साथ-साथ बच्चों के लिए स्कूल और खेती के लिए जमीन भी दी गई है ताकि परिवार अपनी आजीविका चला सकें।