Kuwait की इंटरनेशनल इस्लामिक चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन (IICO) ने गाजा पट्टी में एक फूड किचन प्रोजेक्ट शुरू किया है. यह कदम 12 मई 2026 को उठाया गया ताकि वहां युद्ध से प्रभावित और बेघर हुए परिवारों को भोजन मिल सके. गाजा में मौजूदा हालात काफी खराब हैं और लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है.

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Kuwait का फूड किचन प्रोजेक्ट क्या है और क्यों शुरू हुआ?

International Islamic Charitable Organization (IICO) ने गाजा के लोगों की मदद के लिए यह पहल की है. इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद उन परिवारों तक गर्म खाना पहुँचाना है जो अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं. अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में भूख की समस्या बहुत गंभीर हो गई थी और कई पुराने चैरिटी किचन बंद हो गए थे, इसलिए इस नए प्रोजेक्ट की जरूरत महसूस हुई.

गाजा की मदद में IICO की अब तक की भूमिका क्या रही है?

IICO लंबे समय से फिलिस्तीन में मानवीय सहायता पहुंचा रहा है. संस्था की कुछ प्रमुख कोशिशें नीचे दी गई हैं:

  • अप्रैल 2022 में IICO ने UNRWA को 5 लाख अमेरिकी डॉलर दिए थे ताकि शरणार्थियों को इमरजेंसी कैश मिल सके.
  • मई 2024 में कुवैत में एक कॉन्फ्रेंस हुई थी जिसमें गाजा के लिए 2 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद का वादा किया गया था.
  • संस्था ने ऑनलाइन कैंपेन के जरिए भी करीब 8 मिलियन डॉलर जुटाए हैं ताकि गाजा में राहत कार्य चलाए जा सकें.

मदद के साथ-साथ क्या हैं अन्य चुनौतियाँ?

गाजा में सहायता पहुँचाना आसान नहीं है क्योंकि वहां पूरी सप्लाई चेन टूट चुकी है. इसके अलावा, IICO के बारे में यह जानकारी भी है कि इसे 2008 में अमेरिका ने ‘यूनियन ऑफ गुड’ का हिस्सा मानकर प्रतिबंधित किया था. अमेरिका का आरोप था कि यह संस्था हमास के लिए फंड का काम करती है. इसके बावजूद मानवीय संकट को देखते हुए सहायता कार्य जारी हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

IICO ने गाजा में फूड किचन कब शुरू किया?

यह प्रोजेक्ट 12 मई 2026 को शुरू किया गया ताकि वहां युद्ध से प्रभावित और विस्थापित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके.

गाजा में खाने की स्थिति अभी कैसी है?

अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा का सर्वाइवल सिस्टम पूरी तरह ढह चुका है और लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं क्योंकि कई पुराने किचन बंद हो गए थे.