कुवैत में एक पानी साफ करने वाले प्लांट (desalination facility) पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। इस दुखद घटना के बाद कुवैत में भारत की राजदूत Paramita Tripathi ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को सेंट्रल मॉर्चरी का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों से बात की। भारतीय दूतावास अब मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया में जुटा है।
इस हमले और घटना से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?
कुवैत के बिजली और पानी मंत्रालय ने बताया कि यह हमला रविवार, 29 मार्च 2026 को उनके एक प्लांट पर हुआ था। कुवैत सरकार ने इसे एक बड़ी हमलावर कार्रवाई बताया है। सेना की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 14 मिसाइलों और 12 ड्रोनों को हवा में ही रोकने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ प्रोजेक्टाइल जमीन पर गिर गए जिससे नुकसान हुआ। इस घटना की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
- हमले की तारीख: 29 मार्च 2026 को प्लांट पर हमला हुआ।
- नुकसान: एक भारतीय नागरिक की मौत हुई और सेना के 10 जवान घायल हुए।
- राजदूत का दौरा: राजदूत Paramita Tripathi ने 30 मार्च को मॉर्चरी का दौरा किया।
- अधिकारियों से मुलाकात: राजदूत ने ब्रिगेडियर Abdulrahim Al-Awadhi से मिलकर जांच में सहयोग मांगा।
- वर्तमान स्थिति: कुवैत की बिजली और पानी की सप्लाई पर इस हमले का कोई बुरा असर नहीं पड़ा है।
मृतक के शरीर को भारत भेजने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
भारतीय राजदूत ने कुवैत के क्रिमिनल एविडेंस विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। भारतीय दूतावास अभी मृतक के परिवार के साथ तालमेल बिठा रहा है ताकि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा तनाव की वजह से अब तक कुल 8 भारतीय अपनी जान गंवा चुके हैं। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके घर भेजने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
