Kuwait Ministry Action: कुवैत में कोआपरेटिव सोसाइटियों के विज्ञापनों पर रोक, मंत्रालय ने जारी किया सख्त आदेश
कुवैत की मिनिस्ट्री ऑफ सोशल अफेयर्स (MoSA) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कई कोआपरेटिव सोसाइटियों के विज्ञापनों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मंत्रालय ने यह कदम विज्ञापनों में दिखाए गए कंटेंट को लेकर उठाया है, जो प्रोफेशनल मानकों और ‘पब्लिक टेस्ट’ (सार्वजनिक मर्यादा) के खिलाफ पाए गए थे। जिन विज्ञापनों को रोकने का आदेश दिया गया है, उनमें मुख्य रूप से डिस्काउंट कैंपेन और मार्केटिंग फेस्टिवल से जुड़े प्रचार शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापनों का स्तर समाज के अनुकूल होना चाहिए।
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विज्ञापनों में क्या गड़बड़ी पाई गई?
मंत्रालय ने हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रहे इन विज्ञापनों की निगरानी की थी। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ विज्ञापनों का स्तर काफी हल्का था और वे कुवैती समाज के मूल्यों से मेल नहीं खाते थे। कुछ विज्ञापनों को ‘फ्रिवोलस’ यानी तुच्छ माना गया, जिसके बाद कार्रवाई का फैसला लिया गया।
इसे देखते हुए मंत्रालय ने संबंधित कोआपरेटिव सोसाइटियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को तलब किया है। अधिकारियों ने इन सोसाइटियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से ऐसे विज्ञापनों को सस्पेंड कर दें। मंत्रालय का मानना है कि कोआपरेटिव सेक्टर देश की छवि से जुड़ा है, इसलिए बोर्ड को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और विज्ञापनों में गंभीरता लानी होगी।
अब विज्ञापन जारी करने के क्या होंगे नियम?
इस कार्रवाई के बाद मंत्रालय ने विज्ञापनों को लेकर निगरानी और सख्त करने की घोषणा की है। अब किसी भी तरह के प्रमोशनल या मीडिया कैंपेन को शुरू करने से पहले मंत्रालय से कोआर्डिनेशन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एक प्री-अप्रूवल मैकेनिज्म (पूर्व-अनुमति प्रक्रिया) लागू किया जाएगा ताकि कंटेंट पब्लिश होने से पहले ही चेक हो सके।
नए नियमों के मुताबिक, विज्ञापनों का आइडिया और भाषा शालीन होनी चाहिए जो एक संस्था की मैच्योरिटी को दिखाए। तकनीकी रूप से भी विज्ञापनों की क्वालिटी प्रोफेशनल होनी चाहिए। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि इन कड़े नियमों का मकसद किसी के काम को रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कंटेंट की क्वालिटी बेहतर हो और वह ‘इंस्टीट्यूशनल डिसिप्लिन’ के दायरे में रहे।




