कुवैत नेशनल गार्ड (KNG) ने पिछले 24 घंटों के दौरान अपने सुरक्षा क्षेत्र में उड़ रहे दो ड्रोन विमानों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। अधिकारियों के मुताबिक, 31 मार्च की सुबह चार और ड्रोन को नष्ट किया गया है ताकि देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को सुरक्षित रखा जा सके। कुवैत के रक्षा मंत्रालय और नेशनल गार्ड ने साफ किया है कि उनकी एयर डिफेंस प्रणाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालिया हमलों को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।

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कुवैत में हुए ड्रोन हमलों और सुरक्षा कार्रवाई का पूरा विवरण

पिछले कुछ दिनों में कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने कई ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया है। इन घटनाओं से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • ड्रोन कार्रवाई: 31 मार्च को कुवैत नेशनल गार्ड ने चार ड्रोन मार गिराए, जबकि पिछले 24 घंटों में दो अन्य ड्रोन को ढेर किया गया।
  • भारतीय नागरिक की मौत: 30 मार्च को एक बिजली और पानी के प्लांट पर 13 ड्रोन से हमला हुआ था, जिसमें वहां काम करने वाले एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई।
  • कुल आंकड़े: ब्रिगेडियर जनरल Jadaan Fadhel के अनुसार, अब तक कुल 62 UAV और 7 ड्रोन को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है।
  • प्लांट को नुकसान: ड्रोन हमलों की वजह से बिजली और पानी साफ करने वाले प्लांट को काफी भारी नुकसान पहुंचा है।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश

कुवैत सरकार ने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों (Expats) के लिए कुछ खास नियम और निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके:

विषय जारी निर्देश
ड्रोन का इस्तेमाल बिना गृह मंत्रालय और सिविल एविएशन की अनुमति के ड्रोन उड़ाना सख्त मना है।
सुरक्षा निर्देश धमाकों की आवाज सुनाई देने पर घबराएं नहीं और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
भ्रामक खबरें सोशल मीडिया की खबरों के बजाय केवल कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) जैसे सरकारी माध्यमों पर भरोसा करें।
रेडिएशन जांच शेख सालेम अल-अली सेंटर हवा और पानी की लगातार जांच कर रहा है, फिलहाल रेडिएशन का स्तर सामान्य है।

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों को सलाह दी है कि वे अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। तकनीकी टीमें बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाओं को बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। सशस्त्र बल हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।