कुवैत में तनाव बढ़ गया है। गुरुवार शाम को कुवैत नेशनल गार्ड की एक साइट और कुछ जरूरी सरकारी ठिकानों पर ड्रोन से हमला हुआ। इस हमले में काफी भौतिक नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई। अब देश की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है।

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हमले में कितना नुकसान हुआ और अब क्या स्थिति है?

नेशनल गार्ड के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल डॉ. जदान फादेल ने बताया कि ड्रोन हमले से साइट पर काफी नुकसान हुआ है। नेशनल गार्ड के चीफ शेख मुबारक हमूद अल-जाबर अल-सबाह ने 10 अप्रैल को प्रभावित साइट का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और अधिकारियों को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द मरम्मत का काम पूरा कर साइट को फिर से चालू किया जाए।

कुवैत सरकार ने किसे जिम्मेदार ठहराया है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने सीधे तौर पर ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया समूहों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। इसे कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया है। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह हमला अमेरिका या इजरायल की साजिश हो सकती है।

सुरक्षा बलों ने इस हमले का कैसे सामना किया?

कुवैती सेना ने रिपोर्ट किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के ड्रोन हमलों का मुकाबला किया। ये ड्रोन कुवैत की हवाई सीमा में घुसकर कई जरूरी ठिकानों को निशाना बना रहे थे। सरकार ने साफ किया है कि वे अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा का अधिकार रखते हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.