Kuwait New Law: कुवैत में लागू हुआ नया नियम, सोशल मीडिया पर लाइक या शेयर करने पर होगी कड़ी सजा
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। कुवैत के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। अगर आप कुवैत में रहकर फेसबुक, एक्स या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ भी ऐसा पोस्ट या शेयर करते हैं जो देश की सुरक्षा के खिलाफ हो, तो आप पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी। कुवैत की साइबर क्राइम यूनिट ऐसे सभी पर्सनल और वर्क अकाउंट्स पर बारीकी से नजर रख रही है।
क्या है कुवैत का नया सोशल मीडिया कानून
कुवैत सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए एक नया कानून लागू किया है। इस कानून के तहत अगर कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर किसी आतंकी संगठन या दुश्मन देश के समर्थन में कोई पोस्ट करता है, तो उसे भारी जुर्माना या उम्रकैद की सजा हो सकती है। कुवैत के सिक्युरिटी मीडिया डिपार्टमेंट के डायरेक्टर कर्नल ओथमान अल-गरीब ने साफ कहा है कि इन संगठनों के लिए सोशल मीडिया पर की गई दुआएं या समर्थन वाली पोस्ट भी अपराध की श्रेणी में आएंगी। हाल ही में पुलिस ने सोशल मीडिया पर बैन संगठनों का समर्थन करने वाले कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
प्रवासियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान
अगर आप कुवैत में नौकरी करते हैं या वहां रहते हैं, तो आपको अपना मोबाइल और सोशल मीडिया चलाते समय बहुत सावधान रहने की जरूरत है। अंजाने में की गई एक छोटी सी गलती भी आपको भारी पड़ सकती है। कुवैत साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने इसके लिए कुछ सख्त नियम बताए हैं जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
- किसी भी आतंकी संगठन या बैन किए गए ग्रुप की पोस्ट को भूलकर भी लाइक या शेयर न करें।
- अपने पर्सनल या काम वाले अकाउंट से कोई भड़काऊ मैसेज या किसी के समर्थन में प्रार्थना पोस्ट न करें।
- ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों और पुलिस की फोटो या वीडियो भूलकर भी न बनाएं।
- सिर्फ कुवैत गृह मंत्रालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट (@Moi_kuw) की जानकारी पर ही भरोसा करें।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर यहां करें शिकायत
सुरक्षा को और सख्त बनाने के लिए कुवैत के इलेक्ट्रॉनिक और साइबर क्राइम यूनिट ने एक सीक्रेट हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। अगर आपको ऑनलाइन कोई ऐसा पोस्ट दिखता है जो देश की शांति भंग कर सकता है या किसी को भड़काने की कोशिश कर रहा है, तो आप +965 97283939 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं। यह जानकारी सरकार द्वारा पूरी तरह से गुप्त रखी जाती है।




