कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमला, 2 अधिकारियों की मौत, तेल कंपनी ने घटाया प्रोडक्शन
कुवैत में रविवार, 8 मार्च की सुबह सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात दो अधिकारियों की मौत हो गई है। कुवैत के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने इसे देश के लिए एक बड़ा बलिदान बताया है और पुष्टि की है कि दोनों अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हुए। यह घटना उस समय हुई जब कुवैत की सीमा और आसमान में कई जगहों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की कोशिश की गई। इस खबर ने खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
कौन थे वो अधिकारी जिनकी जान गई?
गृह मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर शहीद हुए दोनों अफसरों की पहचान बताई है। पहले कुछ रिपोर्ट्स में इन्हें फायर फोर्स का बताया गया था, लेकिन असल में ये लैंड बॉर्डर सिक्योरिटी (General Directorate of Land Border Security) से जुड़े थे।
- लेफ्टिनेंट कर्नल: अब्दुल्ला एमाद अल शर्राह (Abdullah Emad Al Sharrah)
- मेजर: फहद अब्दुलअजीज अल मजमद (Fahad Abdulaziz Al Majmad)
सुबह के वक्त जब देश पर हवाई खतरे मंडरा रहे थे, तब ये अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद थे। ओमान के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
एयरपोर्ट और तेल कंपनी पर हमले का क्या असर हुआ?
इस हमले का असर कुवैत के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी देखने को मिला है। कुवैत फायर फोर्स ने एयरपोर्ट और अन्य जगहों पर लगी आग को काबू में किया।
- Kuwait Airport: एयरपोर्ट के पास मौजूद फ्यूल टैंक पर ड्रोन गिरने से आग लग गई, जिसे बिना किसी बड़े नुकसान के बुझा दिया गया।
- Oil Production: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुवैत नेशनल ऑयल कंपनी ने कच्चे तेल (Crude Oil) के उत्पादन को कम करने का एहतियाती फैसला लिया है।
- Air Defense: कुवैत की सेना ने बताया कि उन्होंने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और कामगारों के लिए यह राहत की बात है कि फायर फोर्स ने आग पर जल्दी काबू पा लिया और सुरक्षा बल पूरी तरह तैनात हैं।





