Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग के काम में कमी करने का आधिकारिक ऐलान किया है। कंपनी के सीईओ Sheikh Nawaf Al-Sabah ने बताया कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर बढ़ते खतरों को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का खतरा बढ़ रहा है।

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तेल उत्पादन में कटौती की मुख्य वजह क्या है?

KPC के सीईओ Sheikh Nawaf Al-Sabah ने अमेरिका के Houston में आयोजित CERAWeek सम्मेलन के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz वैश्विक अर्थव्यवस्था की मुख्य धमनी है और इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है। वहां जहाजों पर हो रहे हमलों और असुरक्षा की वजह से कुवैत को अपने उत्पादन और रिफाइनरी संचालन को कम करना पड़ा है। कंपनी ने इसे जोखिम प्रबंधन और सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी बताया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सप्लाई पर पड़ने वाला प्रभाव

  • 1 मार्च 2026 से ही Strait of Hormuz में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है।
  • कुवैत के अलावा Iraq, Qatar और UAE जैसे देशों ने भी उत्पादन कम करने या फोर्स मेज्योर की स्थिति अपनाई है।
  • समुद्री जहाजों के लिए वार रिस्क इंश्योरेंस वापस लिए जाने से व्यापारिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है।
  • कुवैत ने हाल ही में अपनी सीमा में घुसे कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करके नष्ट किया है।
  • भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए सप्लाई की सुरक्षा अब एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है।

कंपनी का कहना है कि जैसे ही स्थिति में सुधार होगा और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, उत्पादन को वापस पुराने स्तर पर लाया जा सकता है। फिलहाल अमेरिका और अन्य देशों के बीच राजनयिक बातचीत के जरिए इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने की कोशिशें जारी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com