European Parliament President Supports GCC: यूरोपीय संसद ने खाड़ी देशों का दिया साथ, ईरान के हमलों को बताया गलत
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष Roberta Metsola ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ अपनी एकजुटता जताई है। उन्होंने हाल ही में हुए ईरानी हमलों को “खुला हमला” करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की। इस सिलसिले में यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों के राजनयिकों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है, जिसमें सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दिया गया है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम है।
इस बैठक में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
इस बैठक में Roberta Metsola और यूरोपीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने GCC देशों के मिशन प्रमुखों के साथ बातचीत की। इसमें बेल्जियम में कुवैत के राजदूत और EU व NATO मिशन के प्रमुख Nawaf Al-Enezi भी शामिल हुए। बैठक के दौरान यह साफ किया गया कि खाड़ी देशों पर होने वाले हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हैं।
- यूरोपीय संसद ने खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है।
- बैठक में बताया गया कि ये हमले केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
- यूरोपीय संघ के विशेष प्रतिनिधि Luigi Di Maio ने भी इस मामले में रक्षा और खुफिया जानकारी साझा करने में मदद की बात कही है।
- GCC महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इन हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
महत्वपूर्ण घटनाक्रम और तारीखें
मार्च 2026 के महीने में इस मामले को लेकर कई बड़े बयान और बैठकें हुई हैं। यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों के बीच कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी गई हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 5 मार्च 2026 | EU और GCC विदेश मंत्रियों की बैठक में हमलों की कड़ी निंदा हुई। |
| 9 मार्च 2026 | Roberta Metsola ने हमलों को अराजकता फैलाने वाला कदम बताया। |
| 10 मार्च 2026 | यूरोपीय संसद में खाड़ी देशों के प्रति एकजुटता का प्रस्ताव दोहराया गया। |
| 18 मार्च 2026 | संयुक्त राष्ट्र महासचिव और Roberta Metsola के बीच क्षेत्र में शांति पर चर्चा हुई। |
| 23 मार्च 2026 | GCC और यूरोपीय कमिश्नर के बीच फोन पर ताजा हालात पर बात हुई। |
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने भी हालिया सैन्य गतिविधियों की निंदा की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों प्रवासियों के लिए इन देशों की स्थिरता बहुत जरूरी है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहा यह समर्थन क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।




