कुवैत में एक पावर स्टेशन और वाटर डीसैलिनेशन प्लांट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है. यह घटना रविवार शाम को हुई जिसकी जानकारी सोमवार को कुवैती प्रशासन ने साझा की. कतर ने इस हमले को बेहद खतरनाक और गंभीर बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है. कतर के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ऐसे हमले क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं. इस हमले में प्लांट की एक सर्विस बिल्डिंग को भी काफी नुकसान पहुंचा है.

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हमले में क्या नुकसान हुआ और प्रशासन का क्या कहना है?

  • कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे राज्य के खिलाफ आक्रामकता बताया है.
  • हमले के तुरंत बाद तकनीकी और इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंच गईं ताकि बिजली और पानी की सेवाओं में कोई बड़ी रुकावट न आए.
  • कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार पिछले एक महीने में देश पर 300 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 600 से ज्यादा ड्रोन दागे गए हैं.
  • मंत्रालय ने जनता से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने की अपील की है.
  • एक अन्य मिसाइल हमले की भी खबर है जिसमें कुवैत के 10 सैनिक घायल हुए हैं.

भारतीय नागरिकों और क्षेत्र पर इसका क्या असर होगा?

कुवैत में भारतीय दूतावास ने इस घटना में मारे गए भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया है. दूतावास की टीम कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर मृतक के परिवार को हर संभव सहायता पहुंचाने का काम कर रही है. इस हमले के बाद मध्य पूर्व के संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले भारतीयों की कुल संख्या अब कम से कम आठ हो गई है. कतर, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन जैसे देशों ने मिलकर एक साझा बयान में इन हमलों की निंदा की है और कहा है कि उनके पास अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार है. यूरोपीय संघ ने भी खाड़ी देशों के साथ एकजुटता दिखाई है और तनाव कम करने की मांग की है.