कुवैत के पावर और पानी प्लांट पर ईरान का हमला, सेना ने हवा में मार गिराए ड्रोन, कई जगह हुआ भारी नुकसान.
कुवैत में शुक्रवार की सुबह एक बार फिर अफरातफरी का माहौल रहा जब ईरान की ओर से बिजली और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया. बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MEWRE) ने पुष्टि की है कि 3 अप्रैल 2026 को तड़के एक प्लांट पर हमला हुआ है. कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की ओर आ रही कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया. इस हमले की वजह से प्लांट के कुछ हिस्सों में संपत्ति का नुकसान हुआ है, लेकिन प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए टीमें तैनात कर दी हैं.
मंत्रालय और सेना ने क्या जानकारी दी?
कुवैत के सरकारी संचार केंद्र ने बताया कि मंत्रालय की तकनीकी और आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं. इन टीमों को प्लांट के संचालन को जारी रखने और साइट को सुरक्षित करने के काम पर लगाया गया है. सेना ने यह भी साफ किया है कि सुबह जो धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं, वे मिसाइलों को बीच में रोकने (interception) की वजह से हुई थीं. इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया है.
हाल ही में हुई प्रमुख घटनाएं और नुकसान
कुवैत में पिछले कुछ दिनों से इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों में चिंता है. नीचे दी गई तालिका में हालिया हमलों और उनके असर की जानकारी दी गई है:
| तारीख | घटना का विवरण | नुकसान और असर |
|---|---|---|
| 3 अप्रैल 2026 | पावर प्लांट और मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर हमला | प्लांट में भौतिक नुकसान और रिफाइनरी की यूनिट में आग लगी |
| 30 मार्च 2026 | पावर स्टेशन पर ईरानी स्ट्राइक | एक भारतीय कर्मचारी की मौत और सर्विस बिल्डिंग को नुकसान |
| 24 मार्च 2026 | ट्रांसमिशन लाइनों पर मिसाइल का मलबा गिरा | 7 बिजली लाइनें खराब हुईं, कई इलाकों में बिजली गुल रही |
कुवैत सरकार ने साफ किया है कि आपातकालीन योजनाओं के तहत काम किया जा रहा है ताकि बिजली और पानी की सप्लाई पर कोई बड़ा असर न पड़े. अरब लीग ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. कुवैत में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.




