कुवैत की पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्यों को ट्रायल के लिए कोर्ट भेज दिया है। इन संदिग्धों पर कुवैत की सीमा और एक प्रतिबंधित सैन्य इलाके में अवैध रूप से घुसने का आरोप है। इस पूरी कार्रवाई के बाद अब मामला अदालत में जाएगा जहाँ उनकी सुनवाई होगी।

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IRGC सदस्य कुवैत में कैसे घुसे और उन्हें कब पकड़ा गया?

यह घटना 1 मई 2026 को हुई थी जब IRGC के सदस्य कुवैत की सरजमीं में दाखिल हुए। कुवैत की सेना और सुरक्षा बलों ने इन्हें एक प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र में देखा और तुरंत कार्रवाई की। कुवैत के इंटीरियर मिनिस्ट्री के मुताबिक, पकड़े गए चार सदस्यों ने अपना संबंध IRGC से स्वीकार किया और बताया कि उनका मकसद बुबियान द्वीप (Bubiyan Island) पर हमला करना था। इस टकराव के दौरान एक कुवैती सैनिक घायल भी हुआ क्योंकि घुसपैठियों ने पकड़े जाने पर सुरक्षा बलों पर फायरिंग की थी।

इन संदिग्धों पर कौन से कानूनी आरोप लगाए गए हैं?

कुवैत सरकार ने इसे देश की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ एक बड़ा खिलवाड़ माना है। पकड़े गए लोगों पर निम्नलिखित आरोप और कानून लगाए गए हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय अपराध कानून: डिक्री-लॉ नंबर 156 (2025) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
  • सैन्य सुरक्षा कानून: डिक्री-लॉ नंबर 13 (2026) का उल्लंघन, जो सैन्य अधिकारियों के सर्वोच्च हितों की रक्षा से जुड़ा है।
  • तैयारी: जांच में पता चला कि यह हमला पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था, जिसमें नावों, आधुनिक नेविगेशन उपकरणों, हथियारों और जासूसी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था।

ईरान ने इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद ईरान के राजदूत मोहम्मद तौतौंची को तलब किया और कड़ा विरोध जताया। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ईरान का कहना है कि उनके चार सदस्य सिर्फ रूटीन समुद्री गश्त पर थे और नेविगेशन सिस्टम खराब होने की वजह से वे गलती से कुवैत के समुद्री इलाके में चले गए। ईरान ने इन लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में पकड़े गए IRGC सदस्यों में कौन-कौन शामिल था?

पकड़े गए चार लोगों में ईरान की नेवी के दो कर्नल, एक कैप्टन और एक लेफ्टिनेंट कमांडर शामिल थे।

इस मामले में कोर्ट का फैसला कब आएगा?

पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने 20 और 21 मई 2026 के आसपास इन संदिग्धों को कोर्ट भेजा है, अब कानूनी प्रक्रिया के बाद फैसला आएगा।