Kuwait Alert: जुम्मे की नमाज़ के दौरान गूंजे चेतावनी के सायरन, मिसाइल और ड्रोन हमले नाकाम
कुवैत में 20 मार्च 2026 को जुम्मे की नमाज़ के समय अचानक खतरे के सायरन गूंजने से हड़कंप मच गया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल स्टाफ सऊद अल-अतवान ने बताया कि कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया है। कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना अब और भी जरूरी हो गया है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में सायरन बजने की घटनाएं बार-बार हुई हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में धमाकों की तेज़ आवाज़ें सुनी गईं जो मिसाइलों को हवा में नष्ट करने की वजह से हुई थीं।
कुवैत में हुए हमले को लेकर मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार कुवैत के एयर डिफेंस ने सक्रिय होकर नई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है। बताया गया है कि मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी जिससे वहां आग लग गई जिसे बुझाने के लिए दमकल कर्मी काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे आधिकारिक मीडिया के निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यह घटनाएं क्षेत्र में चल रहे तनाव और संघर्ष का हिस्सा हैं जिसमें ईरान और इजरायल से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।
सायरन बजने पर नागरिकों और प्रवासियों को क्या करना चाहिए?
कुवैत सिविल डिफेंस ने सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए हैं जिनका पालन हर किसी को करना चाहिए। सायरन बजने का मतलब होता है कि कोई संभावित खतरा है। प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे घबराएं नहीं और नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- सायरन सुनते ही सबसे पहले गैस और बिजली का मेन स्विच बंद कर दें।
- लिफ्ट का उपयोग बिल्कुल न करें और सुरक्षित बेसमेंट या शेल्टर की तरफ जाएं।
- अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो अपनी रफ्तार कम करें और सड़क के दाईं ओर गाड़ी रोक लें।
- आधिकारिक रेडियो या टीवी चैनलों को सुनें ताकि सही जानकारी मिल सके।
- घरों की खिड़कियों और शीशों से दूर रहें।
पिछले कुछ हफ्तों में कुवैत में सायरन बजने की घटनाएं कई बार हुई हैं जो सुरक्षा की स्थिति को लेकर अलर्ट करती हैं। नीचे दी गई तालिका में हाल के दिनों में हुए अलर्ट की जानकारी दी गई है।
| तारीख (2026) | अलर्ट और घटनाएं |
|---|---|
| 28 फरवरी | इमरजेंसी सायरन एक्टिवेट किए गए |
| 1 और 2 मार्च | क्षेत्रीय संघर्ष के चलते सायरन अलर्ट |
| 5 और 8 मार्च | सुरक्षा कारणों से चेतावनी सायरन |
| 19 मार्च | सायरन एक्टिवेशन और नया अलर्ट |
| 20 मार्च | मिसाइल और ड्रोन हमले सफलतापूर्वक नाकाम |




