कुवैत ने इराक के अधिकारी को दूसरी बार किया तलब, सीमा पर बढ़ते हमलों को लेकर दी कड़ी चेतावनी
कुवैत और इराक के बीच राजनयिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। कुवैत ने 30 मार्च 2026 को इराकी चार्ज डी’अफेयर्स को दूसरी बार बुलाकर हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पिछले कुछ दिनों से इराकी सशस्त्र गुटों द्वारा कुवैत की सीमाओं और सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है। कुवैत सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अपनी सुरक्षा करने की बात कही है।
कुवैत ने इराक के सामने कौन सी मुख्य मांगें रखी हैं?
कुवैत के कार्यवाहक उप विदेश मंत्री राजदूत अजीज अल-दिहानी ने इराकी प्रतिनिधि को बताया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। कुवैत ने इराक सरकार से इन हमलों को तुरंत रोकने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने को कहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पड़ोसी देश की जमीन का इस्तेमाल कुवैत के खिलाफ करना एक अपराध है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी सुरक्षा करने के अधिकार को दोहराया है। इससे पहले 4 मार्च 2026 को भी इसी तरह का विरोध दर्ज कराया गया था।
सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी
पिछले 24 से 48 घंटों में कुवैत और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने कई हमलों को नाकाम किया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नीचे दी गई जानकारी महत्वपूर्ण है:
- ड्रोन हमले: कुवैत नेशनल गार्ड ने पिछले 24 घंटों में 6 ड्रोन मार गिराए हैं जो देश की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
- मिसाइल सुरक्षा: 29 मार्च को कुवैती रक्षा मंत्रालय ने 4 बैलिस्टिक मिसाइलें और 3 ड्रोन नष्ट किए थे।
- सऊदी अरब की मदद: सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी 30 मार्च को दो ड्रोनों को हवा में ही नष्ट करने की पुष्टि की है।
- नागरिक सुविधाएं: ताजा हमलों में कुवैत के एक कैंप और पानी-बिजली संयंत्र को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
- क्षेत्रीय समर्थन: ओमान ने कुवैत पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे शांति के लिए खतरा बताया है।
इन घटनाओं के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुवैत में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय और अन्य देशों के लोग रहते हैं, जिनके लिए इन सुविधाओं का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। फिलहाल कुवैती सेना और नेशनल गार्ड पूरी तरह अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।




