Kuwait Security Alert: कुवैत में आतंकी सेल का भंडाफोड़, अब सुरक्षा के लिए लागू हुए नए और कड़े कानून
कुवैत सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपना लिया है। गृह मंत्रालय के सुरक्षा मीडिया विभाग के निदेशक कर्नल उस्मान मोहम्मद गरीब ने बताया कि सुरक्षा बलों ने एक बड़े आतंकी सेल को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दो नए कानून भी लागू कर दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके। सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है।
पकड़े गए ग्रुप और बरामद सामान की पूरी जानकारी
जांच में पता चला है कि पकड़े गए आतंकी सेल का संबंध हिजबुल्लाह संगठन से है। इसमें 14 कुवैती और 2 लेबनानी नागरिक शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इनके पास से भारी मात्रा में खतरनाक सामान बरामद किया है जिसकी सूची नीचे दी गई है।
| बरामद सामान | विवरण |
|---|---|
| हथियार और गोला-बारूद | पिस्तौल, राइफल और बड़ी मात्रा में गोलियां |
| तकनीकी उपकरण | ड्रोन और एन्क्रिप्टेड मोर्स कम्युनिकेशन डिवाइस |
| दस्तावेज और सामग्री | विभिन्न जगहों के नक्शे, झंडे और आतंकी संगठनों की तस्वीरें |
| नशीले पदार्थ | भारी मात्रा में ड्रग्स और बड़ी रकम बरामद हुई |
कुवैत में लागू हुए नए कड़े नियम और सजा
सरकार ने 17 मार्च 2026 से दो नए कानून लागू किए हैं जो आम जनता और प्रवासियों के लिए जानना बहुत जरूरी है। कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता को रेड लाइन घोषित किया गया है।
- आतंकवाद विरोधी कानून (No. 47): आतंकवाद की परिभाषा को अब बहुत बड़ा कर दिया गया है। इसमें बुनियादी ढांचे, परिवहन और साइबर सिस्टम पर हमले शामिल हैं। दोषी पाए जाने पर मौत की सजा या उम्रकैद हो सकती है।
- जानकारी छिपाना अपराध: अगर किसी को आतंकी गतिविधि की जानकारी है और वह पुलिस को नहीं बताता है, तो उसे भी अपराधी माना जाएगा।
- सैन्य सुरक्षा कानून (No. 13): अब सैन्य ठिकानों के पास जाना या सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और तस्वीरें साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- ड्रोन पर पाबंदी: देश में ड्रोन उड़ाने को लेकर अब बेहद सख्त नियम लागू हैं और सुरक्षा बल बिना अनुमति ड्रोन इस्तेमाल पर कार्रवाई करेंगे।
- सोशल मीडिया पर नजर: साइबर क्राइम यूनिट अफवाह फैलाने और नफरत फैलाने वाली पोस्ट पर 24 घंटे नजर रख रही है।
कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। सेना या सुरक्षा बलों के बारे में कोई भी झूठी खबर सोशल मीडिया पर साझा न करें क्योंकि इससे जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।




