Kuwait सरकार की चेतावनी, Deepfake वीडियो और फोटो से रहें सावधान, गलत जानकारी शेयर करने पर होगी जेल
Kuwait के National Cyber Security Center ने आम जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। सरकार ने लोगों को Deepfake तकनीक के बढ़ते खतरों के प्रति सचेत किया है। अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी वीडियो या फोटो को सच मानने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें और बिना पुष्टि के उसे शेयर न करें।
Deepfake के इस्तेमाल पर क्या है कानून
Kuwait में फर्जी वीडियो या फोटो के जरिए किसी को धोखा देना कानूनन अपराध है। Cybercrime Law (Law No. 63 of 2015) के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी की छवि खराब करने या जालसाजी के लिए Deepfake का इस्तेमाल करता है, तो उसे इलेक्ट्रॉनिक जालसाजी और मानहानि का दोषी माना जाएगा। इसके लिए जेल की सजा का प्रावधान है। साथ ही CITRA Resolution No. 26 of 2024 के जरिए डेटा की सुरक्षा और उसके इस्तेमाल के नियम तय किए गए हैं।
एक्सपर्ट्स ने आम लोगों को क्या सलाह दी
- Dr. Safaa Zaman: इन्होंने बताया कि AI की तेजी से बढ़ती रफ्तार के कारण अब फर्जी खबरें और वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिसे ‘सूचना युद्ध’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
- Mohammed Abbas: इन्होंने कहा कि किसी भी खबर पर यकीन करने से पहले उसे आधिकारिक स्रोतों (official sources) से क्रॉस-चेक जरूर करें।
- Othman Al-Gharib: Ministry of Interior के डायरेक्टर ने चेतावनी दी है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
- Colonel Ali Al-Rashid: इन्होंने कहा कि नई डिजिटल ऐप्स की मदद से अब सही जानकारी जल्दी मिल जाती है, जिससे अफवाहों को रोकने में मदद मिलती है।
जागरूकता के लिए क्या कदम उठाए गए
Kuwait की Ministry of Information ने लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत शैक्षिक प्रकाशन जारी किए गए हैं, जिनमें “The Danger of Deep Forgery” जैसी किताबें शामिल हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों की डिजिटल साक्षरता को बढ़ाना है ताकि वे इंटरनेट पर मौजूद फर्जी सामग्री और असली जानकारी के बीच अंतर समझ सकें।




