कुवैत में पानी के प्लांट पर ड्रोन हमला, WHO प्रमुख ने दी चेतावनी, कहा आम जनता की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर
कुवैत में पानी साफ करने वाले प्लांट और बिजली घर पर ड्रोन हमला होने की खबर आई है। यह घटना शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 की सुबह हुई जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस घेब्रेयेसस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पानी की सुविधाओं को निशाना बनाने से आम जनता के स्वास्थ्य और जरूरी सेवाओं पर बहुत गंभीर असर पड़ सकता है।
कुवैत में हुए इस हमले की मुख्य जानकारी क्या है?
कुवैत के बिजली और पानी मंत्रालय ने बताया कि यह हमला जानबूझकर देश की जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया है। यह एक हफ्ते के भीतर कुवैत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर दूसरा हमला है। इस घटना से थोड़ी देर पहले कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमला हुआ था जिससे वहां आग लग गई थी।
सुरक्षा और बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
कुवैत सरकार ने अपनी टेक्निकल और इमरजेंसी टीमों को तुरंत काम पर लगा दिया है ताकि लोगों को पानी और बिजली की दिक्कत न हो। मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जवहार हयात ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और सिर्फ सरकारी खबरों पर ही भरोसा करें। इसके अलावा ब्रिटेन ने भी कुवैत की सुरक्षा के लिए अपना रैपिड सेंट्री एयर डिफेंस सिस्टम भेजने का ऐलान किया है।
| घटना की जानकारी | विवरण |
|---|---|
| हमले की तारीख | 3 अप्रैल 2026 |
| निशाना | पानी और बिजली बनाने वाले प्लांट |
| WHO का बयान | जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताया |
| मददगार देश | ब्रिटेन एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करेगा |
कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जरूरी है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल प्रशासन स्थिति को काबू में करने और सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश कर रहा है। क्षेत्रीय तनाव के कारण पिछले कुछ दिनों में इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।




