Lebanon Crisis: लेबनान में 3.70 लाख से ज्यादा बच्चे बेघर, हर दिन 19 हजार बच्चे छोड़ रहे हैं अपना घर
लेबनान में जारी संघर्ष के बीच बच्चों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। United Nations Children’s Fund (UNICEF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि पिछले केवल तीन हफ्तों के भीतर 3 लाख 70 हजार से ज्यादा बच्चों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो हर दिन औसतन 19,000 लड़के और लड़कियां विस्थापित हो रहे हैं। यह बच्चे अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश में अपने परिवारों के साथ इधर-उधर भटक रहे हैं।
लेबनान में विस्थापित बच्चों और परिवारों की क्या स्थिति है?
UNICEF के प्रतिनिधि Marcoluigi Corsi ने जिनेवा में एक ब्रीफिंग के दौरान बताया कि विस्थापन की यह संख्या डराने वाली है। उन्होंने इसे इस तरह समझाया कि हर 24 घंटे में बच्चों से भरी सैकड़ों स्कूल बसें अपनी जान बचाने के लिए भाग रही हैं। युद्ध की वजह से विस्थापित हुए परिवार अब सार्वजनिक पार्कों, स्कूलों और फुटबॉल स्टेडियमों में बने अस्थाई टेंटों में रहने को मजबूर हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हिंसा में अब तक कम से कम 121 बच्चों की मौत हो चुकी है और 395 से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं।
राहत कार्य और फंड की कमी पर UNICEF का क्या कहना है?
यूनिसेफ लगातार युद्ध रोकने और नागरिकों की सुरक्षा की अपील कर रहा है। संगठन ने राहत सामग्री पहुंचाने का काम तेज कर दिया है, लेकिन फंड की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। राहत कार्यों से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल विस्थापित बच्चे | 370,000 से अधिक |
| दैनिक विस्थापन दर | 19,000 बच्चे प्रतिदिन |
| राहत सामग्री वितरण | 800 मीट्रिक टन (2 मार्च से अब तक) |
| मेडिकल सप्लाई | 32.5 मीट्रिक टन (18 मार्च को डिलीवर) |
| फंड की जरूरत | 48 मिलियन अमेरिकी डॉलर |
| फंड की कमी | 86 प्रतिशत (23 मार्च 2026 तक) |
यूनिसेफ के अनुसार, बमबारी और बार-बार घर छोड़ने की वजह से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत सहायता और सुरक्षा नहीं मिली, तो इन बच्चों के भविष्य पर गहरा भावनात्मक संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल UNICEF का रिस्पॉन्स प्लान फंड की भारी कमी से जूझ रहा है, जिससे 150,000 लोगों तक पहुंचाई जा रही मदद पर असर पड़ सकता है।




