लेबनान सरकार ने अपने देश की राजधानी बेरूत में सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहर में हथियारों का कंट्रोल सिर्फ सरकारी सेना और सुरक्षा बलों के पास होगा। इस बड़े कदम का खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने खुले दिल से स्वागत किया है।

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लेबनान सरकार ने क्या बड़ा फैसला लिया?

लेबनान की कैबिनेट ने 9 अप्रैल 2026 को यह तय किया कि बेरूत में पूरी तरह से सरकारी शासन लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने ऐलान किया कि अब शहर में हथियारों का मालिकाना हक सिर्फ कानूनी अधिकारियों के पास ही रहेगा। इस आदेश को तुरंत लागू करने के लिए लेबनान की सेना और सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला पुराने ताएफ समझौते (Taef Agreement) और काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के पिछले फैसलों के आधार पर लिया गया है।

GCC चीफ ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने 10 अप्रैल को लेबनान के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे लेबनान की संप्रभुता और सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम बताया। Albudaiwi ने कहा कि GCC लेबनान की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ मजबूती से खड़ा है, ताकि वहां के लोगों को शांति और विकास मिल सके।

इस फैसले के पीछे की वजह और विरोध क्या है?

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लेबनान के कई हिस्सों और राजधानी में इजरायली हमलों के बाद तनाव बढ़ा हुआ था। इस फैसले को लेकर कैबिनेट के अंदर मतभेद भी दिखे, जहां Hezbollah के दो मंत्रियों ने इस पर आपत्ति जताई। वहीं, राष्ट्रपति Joseph Aoun ने काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक की अध्यक्षता की और शासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.